Top
Breaking News
Home > Archived > JNU देश विरोधी नारे लगाने वाले 4 छात्रों की पहचान

JNU देश विरोधी नारे लगाने वाले 4 छात्रों की पहचान

 Special News Coverage |  22 March 2016 10:15 AM GMT

JNU देश विरोधी नारे लगाने वाले 4 छात्रों की पहचान
नई दिल्ली: जेएनयू देश विरोधी नारों के मामले की जांच कर रही टीमों ने केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे कश्मीरी छात्रों और कुछ प्रोफेशनल्स की पहचान की है। ये लोग जेएनयू में कार्यक्रम के दौरान देश विरोधी नारे लगा रहे थे। फिलहाल इनकी पहचान को गुप्त रखा गया है। इस मामले में जेएनयू की हाईलेवल इंक्वायरी कमेटी की आंतरिक रिपोर्ट सामने आई है। जिसमें बाहरी लोगों की ओर से नारे लगाए जाने का जिक्र किया गया था।


जिन चार लोगों की पहचान की गई है, उसमें एक महिला भी शामिल है। मामले की जांच की वजह से इनके नाम उजागर नहीं किए गए हैं। पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो भाई भी शामिल हैं। इनमें एक जेएनयू का छात्र है, वहीं दूसरा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा है। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और जामिला मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों की भी पहचान की गई है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने जिन लोगों की पहचान की है उनमें से एक जर्नलिस्ट है, जो एक एनजीओ से जुड़ा हुआ है और एएमयू का छात्र रह चुका है। देश विरोधी नारे लगाने वालों में वह भी शामिल था।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में 9 फरवरी को संसद पर हमले के गुनहगार अफजल गुरु और मकबूल भट की याद में एक प्रोग्राम ऑर्गनाइज किया था। इसे कल्चरल इवेंट का नाम दिया गया था। जेएनयू में साबरमती हॉस्टल के सामने शाम 5 बजे उसी प्रोग्राम में कुछ लोगों ने देशविरोधी नारेबाजी की। इस मामले में कन्हैया कुमार को गिरफ्तार किया गया था। वहीं उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य ने सरेंडर किया था। फिलहाल तीनों को जमानत मिल चुकी है।

विश्वविद्यालय (जेएनयू) के दस शिक्षकों ने कैंपस में हो रही गतिविधियों को लेकर पूर्व कुलपति को 400 पन्नों की रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें साफतौर पर लिखा गया है कि पाकिस्तान समेत कई जगह देशविरोधी कार्यक्रमों में जेएनयू के शिक्षक और छात्र शामिल होने जाते हैं। इसके बाद भी जेएनयू प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया।

रिपोर्ट में भी कहा गया था कि जेएनयू में कई ऐसे छात्र हैं जो अवैध रूप से हॉस्टल में रहते हैं। सूत्रों की मानें तो एक साल पहले यह रिपोर्ट सरकार और जेएनयू प्रशासन को सौंपी गई थी। जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के शोध छात्र अंबा शंकर वाजपेयी का कहना है कि कैंपस और कैंपस के बाहर देशविरोधी गतिविधियों में जेएनयू के शिक्षक और छात्रों के भाग लेने के प्रमाण भी हैं।

Tags:    
स्पेशल कवरेज न्यूज़ से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें न्यूज़ ऐप और फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
Next Story
Share it