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गुजरात में बनी पहली थ्रीडी जेब्रा क्रॉसिंग पेंटिंग

 Special News Coverage |  12 March 2016 12:35 PM GMT

गुजरात में बनी पहली थ्रीडी जेब्रा क्रॉसिंग पेंटिंग

गुजरात: थ्रीडी पेंटिंग तकनीक का प्रयोग गुजरात की दो छात्राओं ने किया है। इन छात्राओं ने सड़क पर थ्रीडी पेंटिंग से जेब्रा क्रॉसिंग बनाई है जो किसी भी वाहन चालक को धोखा देकर गाड़ी की गति धीमी करने के लिए मजबूर करती है।

छात्राओं "सौम्या पांड्या ठक्कर और शकुंतला पांड्या" के इस अनूठे प्रयोग के लिए लोग सराहना कर रहे हैं। छात्राओं ने थ्री पेंटिंग से जेब्रा क्रॉसिंग पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाई है। साधारण जेब्रा क्रॉसिंग की तुलना में थ्रीडी पेंटिंग वाली जेब्रा क्रॉसिंग में ड्राइवरों का ध्यान ज्यादा जाएगा।


खुशी की बात यह भी है कि अहमदाबाद के सड़क एवं परिवहन विभाग ने कुछ जगहों पर थ्री पेंटिंग तकनीक का प्रयोग किया है। यह प्रयोग अभी तक सफल रहा है। विभाग के अध‌िकारियों का कहना है कि ऐसे जेब्रा क्रॉसिंग अभी स्कूलों दुर्घटना संभावित इलाकों में बनाए जाएंगे।

थ्रीडी पेंटिंग का इस्तेमाल कर अगर किसी चीज का चित्र बनाते हैं तो हमें ऐसा आभास होगा कि सचमुच में वह चीज हमारे सामने है। हालांकि यह एक खास दिशा से देखने में ही ऐसा प्रतीत होता है।

आप धरातल पर तालाब या गड्ढे का चित्र बनाते हैं तो आपको यह एक चित्र नहीं बल्कि सचमुच का गड्ढा नजर आएगा।

ड्रीडी पेंटिंग के इतिहास में पता चलता है कि ब्रिटेन में ड्रीडी पेंटिंग तकनीक से चित्रकारी करने वालों को स्क्रीनइवन कहा जाता था। 1500 ई. के आसपास ये कलाकार रास्तों के किनारे, फुटपाथ आदि पर रंगीन चॉक से चित्र बनाया करते थे। और यहां से गुजरने वाले यात्री का कुछ दान करते थे जिससे उनकी आजीव‌िका चलती थी।

थ्रीड़ी पेंटिंग से जुड़े आयोजन चीन, अमेरिका समेत तमाम देशों में हो चुके हैं लेकिन भारत में अभी इसकी शुरुआत ही हुई है।

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