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इस युवा मुस्लिम दम्पति के हाथ है इस दो जिले की कमान!

 Special News Coverage |  2016-03-07 06:48:58.0

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शिमला
संभवत: देवभूमि में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब एक साथ दंपत्ति को दो जिलों की कमान मिली है। यह भी पहली बार ही हुआ, जब राज्य के इतिहास में मुस्लिम महिला आईपीएस को एसपी बनाया गया हो। यहां बात हो रही है, कुल्लू के नवनियुक्त डीसी यूनस व उनकी धर्मपत्नी सोलन की एसपी अंजुम आरा की।



पति कुल्लू के डीसी तो पत्नी सोलन की एसपी
बतौर एसपी अंजुम आरा ने सोलन जिला में एसपी के तौर पर शुक्रवार को पद ग्रहण कर लिया। जबकि आईएएस अधिकारी यूनस ने डीसी कुल्लू के तौर पर कार्यभार नहीं संभाला है। संभवत: मंगलवार को ही आईएएस अधिकारी अपना पद संभाल सकते हैं। समूचे देश में अंजुम आरा दूसरी मुस्लिम महिला आईपीएस बनने का गौरव भी हासिल कर चुकी हैं।

एमबीएम न्यूज नेटवर्क ने इस बारे पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारियों से भी बात की, तो यह बात सामने आई कि मुस्लिम महिला पहली बार एसपी बनी है। साथ ही इस बात में भी कोई अतिशोक्ति नहीं पाई गई कि जब पति को डीसी का पद मिला हो और पत्नी को एसपी का। 2013 में यूनस व अंजुम आरा प्रणय सूत्र में बंधे थे। उनकी एक बेटी भी है।


यह समझा जाता है कि मुस्लिम समाज में चुनिंदा महिलाएं ही बड़े प्रशासनिक औहदों पर पहुंचती हैं, लेकिन मन में अगर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो मिसाल कायम की जा सकती है। शायद आईपीएस अंजुम ने भी इन पंक्तियों को बचपन में ही समझ लिया होगा। यही कारण होगा कि आज वह एसपी के पद पर पहुंच गई हैं। कुल्लू के नवनियुक्त डीसी से बातचीत नहीं हो पाई, लेकिन सोलन की नवनियुक्त एसपी अंजुम से लंबी बातचीत हुई।


क्या कहां आईपीएस अंजुम आरा ने?

एसपी ने कहा कि जब उन्होंने अपने पिता को आईपीएस बनने की इच्छा जाहिर की थी तो उन्हें हौंसला अफजाई मिली। वह मानती हैं कि जब वह आईपीएस की तैयारी कर रही थी, तो परिवार के कई सदस्य खुश नहीं थे। मूलत: यूपी के सहारनपुर की रहने वाली आईपीएस यह भी मानती हैं कि उनके परिवार में आज भी बुर्का पहनने की प्रथा जारी है। उन्हें 2012 में मणिपुर कैडर मिला, लेकिन पति के साथ उन्हें 2014 में हिमाचल कैडर मिल गया। पहली नियुक्ति शिमला में बतौर एएसपी मिली। पिता आयूब शेख सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि माता गृहणी है। अंजुम की पढ़ाई उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में हुई है।


आईएएस यूनस पहले आए थे खनन माफिया के निशाने पर
अगस्त 2013 में आईएएस यूनस पर खनन माफिया ने जानलेवा हमला किया था। उस समय वह नालागढ़ में बतौर एसडीएम तैनात थे। उन पर उस समय जानलेवा हमला किया गया था, जब वह अवैध खनन को लेकर छापामारी करने गए थे। बाद में ट्रैक्टर चालक गिरफ्तार हुआ था। सनद रहे कि कुल्लू के नवनियुक्त डीसी 2010 बैच के आईएएस अधिकारी है। खनन माफिया के हमले ने तूल पकड़ा था, क्योंकि उसी दौरान यूपी में भी दुर्गा शक्ति नागपाल का मामला सुर्खियों में था।

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