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HRD मिनिस्ट्री का DU को खत, शहीदों के नाम से हटाओ आतंकवादी, किताब में हो संशोधन

 Special News Coverage |  28 April 2016 9:11 AM GMT

HRD मिनिस्ट्री का DU को खत, शहीदों के नाम से हटाओ आतंकवादी, किताब में हो संशोधन

नई दिल्ली: दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ाई जा रही 'भारत का स्वतंत्रता संघर्ष' किताब में महान क्रांतिकारी भगत सिंह को 'आतंकवादी' बताए जाने पर मानव संसाधन मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय को खत लिखकर कहा है कि भगत सिंह समेत अन्य शहीदों के नाम के आगे से आतंकवादी शब्द हटाया जाए और किताब में संशोधन करने को कहा है।

बता दें दिल्ली यूनिवर्सिटी की किताब में महान क्रांतिकारी भगत सिंह

को 'आतंकी' बताने पर सियासी जंग शुरू हो गई है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इसकी तीखी आलोचना की है। लोकसभा में अनुराग ठाकुर यह मामला उठाते हुए कहा कि किताब में भगत सिंह को 'आतंकी' बताया गया है। आखिर स्कूल-कॉलेज में कौन सा इतिहास पढ़ाया जा रहा है?

बता दें कि भगत सिंह के साथ आतंकवादी शब्द जोड़ने पर उनके परिवार समेत तमाम राजनीतिक दलों ने इसकी आलोचना की है। इस मुद्दे पर लोकसभा में बुधवार को सत्तापक्ष और विपक्ष में नोंकझोंक भी हुई। शहीद-ए-आजम के परिवार ने
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी
को चिट्ठी लिखकर किताब से आतंकवाद शब्द हटाने की मांग भी की है। डीयू की किताब में भगत सिंह को आतंकी लिखने के मामले को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्‍मृति ईरानी ने आज डीयू से किताब में संशोधन करने के लिए कहा है। उन्‍होंने कहा कि भगत सिंह को आतंकी लिखने वाली बात हटाई जाए। डीयू अपनी किताब से आतंकी शब्‍द को हटाए।

दरअशल में, दिल्ली यूनिवर्सिटी की किताब 'भारत का स्वतंत्रता संघर्ष' में भगत सिंह को 'आतंकवादी' बताया गया है। इस किताब में अंग्रेजी शासन को हिलाकर रख देने वाले 'चटगांव कांड' को 'आतंकी घटना' बताया गया है और इससे भी अधिक, सांडर्स की हत्या को भी 'आतंकवादी घटना' बताया गया है जबकि अंग्रेज पुलिस अधिकारी सैंडर्स की हत्या को ‘आतंकी कार्रवाई’ कहा गया है। इस किताब के 20वें अध्याय में भगत सिंह, चन्द्रशेखर आजाद, सूर्य सेन और अन्य को ‘क्रांतिकारी आतंकवादी’ बताया गया है। यह पुस्तक दो दशकों से अधिक समय से डीयू के पाठ्यक्रम का हिस्सा रही है।

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