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बिना पेट्रोल और डीजल के दौड़ेगी इंडिया की पहली पॉड टैक्सी, ये हैं खूबियां

 Special News Coverage |  26 March 2016 12:01 PM GMT

बिना पेट्रोल और डीजल के दौड़ेगी इंडिया की पहली पॉड टैक्सी, ये हैं खूबियां

नई दिल्ली: लंदन के बाद देश में मेट्रो रेल से एक कदम आगे निकलते हुए पहली बार दिल्ली से सटे गुड़गांव में पॉड टैक्सी शुरू होने वाली है। देश की पहली पॉड टैक्सी शुरू करने की योजना बनाई गई है। एक ऐसी टैक्सी आने वाली है जिसमें ड्राइवर नहीं होगा, इस टैक्सी में बैठकर लोगों को ट्रैफिक जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह NCR के गुड़गांव में मानेसर (हरियाणा) और दिल्ली के धौलाकुंआ के बीच चलेगी। ये बिल्कुल पॉल्यूशन फ्री होगी। लोग इस टैक्सी से 10 रुपए में 30 मिनट का सफर 10 मिनट में तय कर सकेंगे। अगर ये टैक्सी कामयाब हुई तो ट्रैफिक में क्रांतिकारी बदलाव हो सकता है। इसके लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया गुड़गांव में पर्सनल रैपिड ट्रांजिट(पीआरटी) पर काम भी शुरू कर चुका है।


जानें क्या है इस पॉड टैक्सी की खूबियां
- इस टैक्सी बिना पेट्रोल-डीजल के चलती है। इसमें सीएनजी की भी जरूरत नहीं है।
- ये ऐसी टैक्सी है जो चार्जेबल बैटरी से चलती है।
- इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे चलाने के लिए किसी ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती है क्योंकि ये कंप्यूटर प्रोग्राम के जरिए चलती है।
- टैक्सी में बैठने के बाद मुसाफिरों को इसमें लगे ‘टचस्क्रीन’ पर केवल उस जगह का नाम टाइप करना होता है जहां उन्हे जाना है।
- इस पॉड टैक्सी में सफर करते हुए आपको न तो रेड सिग्नल पर इंतजार करना पड़ेगा और न ही कही ट्रैफिक में फंसेेंगे।
- तय स्टेशन पर पहुंचते ही टैक्सी खुद ही रूक जाएगी है और इसका दरवाजा अपने आप खुल जाएगा।
- इसकी स्पीड एक मिनट पर डॉकिंग सिस्टम होगी।
- पॉड टैक्सी चार से छह सीटर ऑटोमेटिक व्हिकल है।
- अप्रैल के पहले हफ्ते में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।

क्यों शुरू की जा रही है पॉड टैक्सी
- ये शहर के अंदरूनी इलाकों में भी चलेगी जबकि बस और मेट्रो ट्रेन शहर के बाहरी भागों में ही चलती है।
- लेकिन पॉड टैक्सी शहर के कोने-कोने में पहुंच सकती है।
- यह दो तरह की होती है - ट्रैक रूट पर चलने वाली और केबिल के सहारे हैंगिग पॉड।
- ये एक तरह से ऑटो रिक्शा का काम करेगी।
- इस टैक्सी में एक साथ चार यात्री बैठ सकते हैं।

जापान में इसका खूब चलन है। पॉड टैक्सी मेट्रो स्टेशन पर भी उपलब्ध होगी। मेट्रो ट्रेन से उतरकर आप पॉड टैक्सी के जरिए अपने ऑफिस या घर जा सकेंगे। पॉड टैक्सी के लिए पूरे शहर में छोटे-छोटे स्टेशनों का जाल बिछाया जाएगा। स्टेशन के लिए मात्र 100 यार्ड जमीन की जरूरत होगी। रिपोर्ट के मुताबिक पहले फेस में पॉड टैक्सी के लिए 105 किलोमीटर के दायरे में 143 स्टेशन बनाए जाएंगे। 105 किलोमीटर के रूट पर पॉड टैक्सी के लिए ऐलिवेटिड रूट बनाने में कम से कम 3 साल का वक्त लगेगा।

गौरतबल है कि यूनियन रोड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने पिछले साल दिल्ली के धौला कुंआ से गुड़गांव के मानेसर के बीच पॉड टैक्सी चलाने की घोषणा की थी। इसके लिए केंद्र सरकार ने जापान की तर्ज पर दिल्ली-गुड़गांव रूट पर पॉड टैक्सी चलाने की योजना बनाई थी। इसे चलाने के लिए पांच हजार करोड़ रुपए का बजट बनाया गया है। शुरुआत में करीब 1100 टैक्सी चलाने की योजना है जिन्हें बाद में बढ़ाकर 3150 कर दिया जाएगा। इस अप्रैल के पहले हफ्ते में प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।

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