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कन्हैया ने सलाखों के पीछे से लिखी चिट्ठी, पढ़ें: क्या की अपील?

 Special News Coverage |  17 Feb 2016 1:12 PM GMT

कन्हैया ने सलाखों के पीछे से लिखी चिट्ठी, पढ़ें: क्या की अपील?

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरु विश्वविद्यालय(JNU) में लगे देश विरोधी नारों को लेकर गिरफ्तार हुए जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को पटियाला हाउस कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। साथ ही कन्हैया ने एक चिट्ठी भी लिखी है जिसमें उन्होंने लिखा है कि वो किसी भी असंवैधानिक घटना का समर्थन नहीं करते हैं।

दिल्ली पुलिस ने कन्हैया की हिंदी में लिखी अपील को सार्वजनिक किया है जिसमें कन्हैया ने अपना और गांव का नाम बताते हुए लिखा है कि मैं भारत के संविधान में विश्वास रखता हूं।


उन्होंने अपनी चिट्ठी में 9 फरवरी को विश्वविद्यालय में लगाए गए देश विरोधी नारों की निंदा की है। साथ ही उन्होंने अपील की है कि वो विश्वविद्यालय की शांति भंग ना करें। कन्हैया ने लिखा है, '9 फरवरी, 2016 को हमारे विश्वविद्यालय में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी, जिसकी मैं निंदा करता हूं। विभिन्न सूत्रों से प्राप्त विडियो में देखने के बाद पता चलता है कि जेएनयू में कुछ वहीं के और कुछ बाहरी लोग असंवैधानिक नारे लगा रहे हैं। इसलिए मैं अपनी संवैधानिक प्रतिबद्धता के साथ उन नारों का समर्थन नहीं करता हूं। मैं अपसे अपील करना चाहता हूं कि इस संबंध में देश, समाज और विश्वविद्यालयों में शांति न भंग की जाए।'

नीचे दी गई फोटो में पढ़ें कन्हैया की पूरी चिट्ठी

kanhaiya letter in hindi

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