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J&K: आतंकियों पर नकेल कसने वाला जावांज सब इंस्पेक्टर शहीद

 Special News Coverage |  8 Oct 2015 6:34 AM GMT

altaf-ahmad


श्रीनगर : '24 ऑवर ड्यूटी कॉप' यानी चौबीसों घंटे ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मी के तौर पर मशहूर और उधमपुर हमले के मास्टरमाइंड के खिलाफ खुफिया मिशन चला रहे जम्मू-कश्मीर के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद अल्ताफ डार शहीद हो गए। बताया जाता है कि जम्मू-कश्मीर में काउंटर टेरर ऑपरेशन्स की कामयाबी के पीछे उन्हीं का दिमाग था। अहमद के शहीद होने से राज्य की पुलिस को बड़ा झटका लगा है।

सब इंस्पेक्टर अल्ताफ लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर और उधमपुर हमले के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ कासिम को ढूंढने के लिए खुफिया मिशन चला रहे थे। बुधवार को उन्हें बांदीपुरा के एक गांव से इन्फॉर्मेशन मिली कि आतंकी कासिम इसी इलाके में छुपा हुआ है। सब इंस्पेक्टर अल्ताफ अपनी सरकारी गाड़ी में रवाना हुए।


जैसे ही अल्ताफ वहां पहुंचे, एक वैन में सवार कुछ आतंकियों ने उन पर फायरिंग की। बुरी तरह से घायल अल्ताफ के लिए फौरन हेलिकॉप्टर भेजकर उन्हें आर्मी हॉस्पिटल लाया गया। लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। बुधवार देर रात उनकी मौत हो गई।

जम्मू-कश्मीर पुलिस में आईजी जावेद गिलानी ने कहा कि मैं शॉक्ड हूं। अल्ताफ हर फील्ड में शानदार काम करते थे। उनके शहीद होने से हमें बेहद नुकसान हुआ है। बहादुर अफसर की शहादत के बारे में पूछे जाने पर डीजीपी के. राजेंद्र कुमार तक इमोशनल हो गए। उन्होंने कहा कि मैं कुछ नहीं कह पाऊंगा। मैं रो पड़ूंगा।

एक काबिल पुलिस ऑफिसर हमने खो दिया
* कुलगाम के रहने वाले मोहम्मद अल्ताफ डार की फैमिली में पत्नी और दो बच्चे हैं।

* मोहम्मद अल्ताफ डार 15 साल पहले बतौर असिस्टेंट कॉन्स्टेबल पुलिस फोर्स में आए थे। उनका इंटेलिजेंस नेटवर्क बेहद मजबूत था।

* वे लैपटॉप के जरिए आतंकियों की लोकेशन ट्रेस कर लेते थे। फोन कॉल ट्रैकिंग में भी उन्हें महारत थी।

* अल्ताफ को जम्मू-कश्मीर पुलिस में 24 घंटे काम करने वाला ‘सायबर ब्वॉय’ भी कहा जाता था।

* उन्हीं की इन्फॉर्मेशन पर अलगाववादी नेता मसरत आलम को 2010 में अरेस्ट किया गया था।

* 13 आतंकी हमलों के लिए जिम्मेदार टेरर कैंपों को तबाह करने में अल्ताफ का बड़ा रोल था।

* हिज्बुल के कई सीनियर कमांडर उन्हीं की इन्फॉर्मेशन पर हुई कार्रवाई के बाद अरेस्ट किए गए।

* आतंकवादियों के बारे में इतनी समझ रखने वाले जम्मू-कश्मीर के टॉप पुलिस अफसरों में अल्ताफ का नाम शामिल था।

* अल्ताफ को राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक से भी नवाजा गया था।

अल्ताफ की मौत की खबर फैली, पुलिस मुख्यालय में उदासी छा गई। पुलिस के आला अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद, पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, सेना, अर्धसैनिक बलों और वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों ने अल्ताफ को श्रद्धांजलि दी। अल्ताफ एक कांस्टेबल के तौर पर जम्मू-कश्मीर पुलिस में शामिल हुए थे। अपनी पेशेवर काबिलियित की वजह से उन्हें 2007 और 2012 के बीच तीन तरक्की मिली थी।


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