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इन रेल मंत्री की देन है भारत में शताब्दी ट्रेन!

 Special News Coverage |  1 Oct 2015 2:09 PM GMT


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ग्वालियरः ग्वालियर के महाराजा माधवराव सिंधिया भारत के पहले ऐसे रेल मंत्री थे जिन्होंने कई बार आम जनता के साथ रेल में सफर किया। इस दौरान सिंधिया यात्रियों से बातचीत करते और लोग रेलों में क्या-क्या चाहते हैं उनसे पूछते और यात्रियों की बात ध्यान से सुनते थे।


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रेल मंत्री सिंधिया को ट्रेन के इंजन में बैठना पंसद था। कहा जाता है भारत की रेलों में सुधार के लिए पूरा ताना-बाना उन्होंने यात्रियों और आम लोगों से बातचीत के बाद बुना। आज उनकी पुण्यतिथि है, 30 सितंबर 2001 को विमान हादसे में उनका निधन हो गया था। आज इस मौके पर महाराजा सिंधिया से जुड़ी कुछ रोचक बातें।




सिंधिया वंश का वारिस होने के नाते माधवराज सिंधिया 1961 में ग्वालियर के महाराजा बने। 1971 के बाद से सिंधिया ने कोई भी चुनाव नहीं हारा और 9 बार लोकसभा के लिए चुने गए। 1984 में कांग्रेस की तरफ से उन्होंने ग्वालियर से भाजपा के सबसे बड़े नेता अटल बिहारी वाजपेयी को बड़े अंतर से हराया।



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राजीव गांधी की सरकार के दौरान सिंधिया 1986 से 1989 तक रेल मंत्री रहे। भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और कम्प्यूटराइजेशन का पूरा श्रेय माधवराव सिंधिया को ही जाता है। देश में सबसे तेज चलने वाली ट्रेन शताब्दी एक्सप्रेस की शुरुआत भी उन्हीं के कार्यकाल के दौरान हुई। सिंधिया कई बार शताब्दी के इंजन में ड्राइवरों के साथ ग्वालियर तक आए। इस दौरान उन्होंने कई तरह की तकनीकी पहलुओं को समझा और जो दिक्कते थीं उनको दूर करने के कदम उठाए।




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