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भाजपा और कांग्रेस का 'दलित प्रेम' महज ढोंग : मायावती

 Special News Coverage |  14 April 2016 8:01 AM GMT

भाजपा और कांग्रेस का 'दलित प्रेम' महज ढोंग : मायावती

लखनऊ : बसपा सुप्रीमों मायावती ने भाजपा और कांग्रेस पर हमला किया, उन्होंने कहा कि अंबेडकर के नाम पर भाजपा और कांग्रेस का प्रेम महज दिखावा है। दलितों तथा पिछडों को इससे सावधान रहने की जरुरत है। मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने अंबेडकर के खिलाफ बाबू जगजीवन राम को इस्तेमाल किया और अब खुद को अंबेडकरवादी कहने वाले 'मोदी' जगजीवन राम की जंयती मना रहे हैं।

मायावती ने कहा कि आय से अधिक संपत्त‍ि केस कांग्रेस की रचि साजिश है। कांग्रेस को दलित वोटों की चाहत है यही कारण है कि वह अम्बेडकर जयंती मना रही है। कांग्रेस ने ही सबसे ज्यादा बसपा का विरोध किया और अब अंबेडकर जयंती पर कांग्रेस दिखावा कर रही है।


भाजपा के समर्थन से तीन बार मुख्यमंत्री बन चुकीं मायावती ने इसे भगवा दल के ‘दलित प्रेम’ पर भी सवाल खड़ा किया, और कहा कि यह पार्टी किसी दलित को प्रधानमंत्री या अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दे तो भी वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हाथ की कठपुतली ही होगा।

मायावती ने कहा ‘दूसरी पार्टियां आपको आपका पूरा संवैधानिक हक देने को तैयार नहीं हैं। अगर आप देश भर में अपनी सभी समस्याएं हल करना चाहते हैं तो आपको केन्द्र और राज्यों में राजनीतिक शक्ति बनना होगा। प्रदेश में वर्ष 2007 की तरह फिर से पूर्ण बहुमत की सरकार बनानी होगी।’

मायावती ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस दावे पर भी सवाल खड़ा किया कि उनके रहते आरक्षण व्यवस्था से कोई छेड़छाड़ नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि मोदी पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान किये गये बड़े-बड़े वादों से जिस तरह पीछे हटे हैं, ऐसे में उनकी बात पर भरोसा नहीं किया जा सकता। मोदी खुद को अम्बेडकरवादी कहते हैं, मगर वह उन जगजीवन राम की भी जयन्ती मनाने जा रहे हैं, जिन्हें कांग्रेस ने अम्बेडकर के खिलाफ खड़ा किया था।

रोहित वेमुला प्रकरण पर भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस को भी निशाने पर लिया और कहा कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित की आत्महत्या से पहले जब केन्द्र में कांग्रेसनीत सरकार थी, तब वहां सात-आठ छात्र आत्महत्या कर चुके थे। उस वक्त कांग्रेस के ‘युवराज’ राहुल गांधी वहां क्यों नहीं गये। भाजपा के नवनियुक्त प्रान्तीय अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य पर तंज करते हुए कहा कि वह पिछड़ी जाति के जरूर हैं लेकिन उनका आपराधिक इतिहास है और वह संघ के कार्यकर्ता हैं।

मायावती ने आरोप लगाया कि वर्ष 2012 के शुरू तक उनकी सरकार बहुत अच्छी चल रही थी। विधानसभा चुनाव में सपा, भाजपा और कांग्रेस ने अंदरखाने साठगांठ करके उनकी पार्टी को हरा दिया। वह इस बार भी हमारे खिलाफ यह साजिश रच सकते हैं। लखनउ मेट्रो और एक्सप्रेस-वे उनकी सरकार की योजनाएं थीं, जिनका श्रेय सपा सरकार ले रही है। भाजपा आगामी चुनाव के मद्देनजर राममंदिर का मुद्दा उठाकर भावनाएं भड़काने की कोशिश कर सकती है।

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