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मुंबई की पहली AC लोकल, चलाती हैं एशिया की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर

 Special News Coverage |  19 April 2016 9:17 AM GMT

मुंबई की पहली AC लोकल, चलाती हैं एशिया की पहली महिला ट्रेन ड्राइवर

मुंबई: मुंबई की पहली AC लोकल ट्रेन को चलाने की जिम्मेदारी एशिया की पहली महिला डीजल लोकोमोटिव ड्राइवर मुमताज काजी को सौंपी गई है। मुमताज ने कुछ दिनों पहले नई ट्रेन के ड्राइविंग सिस्टम को चेक किया है। वे मुंबई सीएसटी से पनवेल के बीच लोकल ट्रेन चलाती हैं। मुंबई की रहने वाली 45 वर्षीय मुमताज काजी दो बच्चों की मां हैं। मुमताज के पिता चर्चगेट स्टेशन पर ट्रंक सुपरिटेंडेंट थे और उनके कई मोटरमैन फ्रेंड्स थे। वे अक्सर अपने फ्रेंड्स की जर्नी की दिलचस्प कहानियां मुमताज को बताया करते थे। ये कहानियां उन्हें बेहद आकर्षित करती थीं। 12वीं के बाद मुमताज ने मेडिकल लेबोरेटरी में डिप्लोमा किया।


1998 में उन्होंने मोटरमैन की पोस्ट के लिए अप्लाई किया और सबसे ज्यादा नंबर्स के साथ सलेक्ट हुईं। मुमताज 50 पुरुषों के बैच में अकेली महिला थीं। शुरू के दिनों में उन्हें सिर्फ 3500 रुपए सैलरी मिलती थी। मुमताज ने अपना करियर सितंबर 1991 में बतौर डीजल लोकोमोटिव अस्सिटेंट ड्राइवर के रूप में शुरू किया।

वे एशिया की पहली महिला डीजल लोको पायलट हैं। 1995 में उनका नाम 'लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स' में भी दर्ज हुआ। वे पिछले 25 साल से ट्रेन चला रही हैं। मुमताज ऐसे पहली महिला ट्रेन चालक हैं जो डीजल के साथ-साथ इलेक्ट्रिक इंजन भी चलाती हैं। इन्होने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और अब यह मुम्बई लोकल ट्रेन की नई एडिशन को ड्राइव कर रही हैं।

अपने करियर के दौरान मुमताज को शंटिंग, कपलिंग जैसे हार्ड काम भी करने पड़े, जो पहले सिर्फ पुरुष ही करते थे। कई डिब्बों की ट्रेन संभालने के साथ-साथ मुमताज अपना परिवार भी बखूबी संभालती हैं। वे बताती हैं कि, रेलवे ड्राइवर के लिए सिर्फ टेक्निकल नॉलेज ही नहीं बल्कि, सटीक जजमेंट, प्रेजेंस ऑफ माइंड, फिजिकल लेबर की जरूरत है। उन्हें सिर्फ रेलवे ही नहीं देश की कई बड़ी सामाजिक संस्थाओं की ओर से सम्मानित भी किया गया है।

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