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10वें दिन टनल से निकाले गए मजदूरों की आपबीती, आखिर 234 घंटे कैसे रहे जिन्दा

 Special News Coverage |  2015-09-22 08:26:11.0

himachal


टिहरा (बिलासपुर) : हिमाचल प्रदेश के टिहरा के टनल में फंसे दो मजदूरों को रेस्क्यू ऑपरेशन चला कर 10वें दिन 234 घंटे बाद बाहर निकाल लिया गया। इसे देश का सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन भी बताया जा रहा है। टनल से निकलने के बाद दोनों मजदूरों सतीश तोमर और मनीराम ने आपबीती सुनाई है।

बिलासपुर हॉस्पिटल में एडिमट सतीश तोमर और मनीराम में डॉक्टर्स को बताया कि 12 सितंबर को टनल में फंसने के बाद से 16 सितंबर तक उन्हें कुछ खाने को कुछ नहीं मिला। जिस हिस्से में फंसे थे वहां एक मशीन खड़ी थी जिसमें एक कॉपी थी। उसी के कागज फाड़-फाड़कर खाए। टनल में पानी का रिसाव हो रह था। उससे अपनी प्यास बुझाई। टनल में कई फीट पानी भर गया तो मशीन पर बैठकर वक्त बिताया। चार दिन बाद रेस्क्यू टीम ने टनल में होल किया तो भीतर रोशनी पहुंची। जिसने हमारे जिंदा रहने की उम्मीदों को जिंदा रखा।



उन्होंने बताया कि कैसे जिंदा रहने के लिए उन्होंने चार दिनों तक कागज खाए, गंदा पानी पिया। तब कहीं जाकर उनका जीवन बच पाया। टनल से निकालने के बाद दोनों को सबसे पहले बिलासपुर अस्पताल पहुंचाया गया। बता दें कि इन्हें एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया था। तीसरे मजदूर हृदयाराम की तलाश जारी है। उससे अभी तक संपर्क नहीं हो पाया है।


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