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खुलासा : प्रियंका गांधी ने वाजपेयी सरकार से कम करवाया था बंगले का किराया

 Special News Coverage |  16 April 2016 7:16 AM GMT

प्रियंका गाधी


नई दिल्ली : प्रियंका गाधी के सरकारी मकान और उसके किराए को लेकर एक नया खुलासा हुआ है। एक आईटीआई के जवाब में सामने आया कि अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के दौरान उन्होंने सरकारी बंगले का किराया कम करने की अपील की थी।

प्रियंका को 2765.18 स्क्वॉयर मीटर में फैले लुटियंस जोन के बंगले का किराया 53,421 रुपए महीना देने को कहा गया था। लेकिन उन्होंने 8,888 रुपए महीना ही दिया। प्रियंका गांधी ने इसके लिए दलील थी, 'इतनी धनराशि का भुगतान उनकी हैसियत से बाहर है।'


फिलहाल, प्रियंका गांधी 35, लोधी एस्टेट के टाइप VI सरकारी आवास के लिए 31,300 रुपए अदा कर रही हैं। दअरसल, सरकार ने प्रियंका गांधी और तीन अन्य 'प्राइवेट सिटीजंस' पंजाब के पूर्व डीजीपी केपीएस गिल, ऑल इंडिया टेररिस्ट फ्रंट चीफ एमएस बिट्टा और पंजाब केसरी के एडिटर अश्विनी कुमार को सुरक्षा कारणों के चलते वीआईपी इलाके में घर प्रदान किए थे। गिल और बिट्टा, प्रियंका गांधी के बराबर ही धनराशि का भुगतान कर रहे हैं जबकि अश्विनी कुमार ने 2012 में घर खाली कर दिया था।

7 मई 2002 को सरकार को भेजे अपने खत में प्रियंका गांधी ने लिखा था कि घर के बदले 53,421 रुपये की राशि बहुत ज्यादा है और ये राशि उनकी भुगतान झमता से बाहर है। प्रियंका वाड्रा ने सरकार को लिखा था कि यह घर स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स (एसपीजी) के कहने पर लिया हुआ है और इसके बड़े हिस्सा का इस्तेमाल उनका परिवार नहीं बल्कि एसपीजी खुद कर रही है। उन्होंने सरकार को कहा था कि वह इस घर में अपनी मर्जी से नहीं बल्कि सुरक्षा कारणों के चलते रह रही हैं।

प्रियंका ने सरकार से निवेदन किया कि वह 28,451 रुपए प्रति माह के पुराने रेट से किराया अदा कर सकती हैं, बढ़े हुए रेंट 53,421 पर नहीं। 31 जनवरी 2004 तक प्रियंका गांधी पर 3.76 लाख रुपए बकाया हो गए थे।

नोएडा के देव आशीष भट्टाचार्य द्वारा दायर आरटीआई के जवाब में मिले 8 जुलाई 2003 के कैबिनेट कमिटी के नोट से यह सब खुलासा हुआ है।

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