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पंजाब में 32000 शहीदों के परिवारों को सरकार नही दे रही मुआवजा भड़के शहीदों के परिवार

 Special News Coverage |  29 Feb 2016 6:18 AM GMT


punjab
फिरोज़पुर पंजाब एच एम त्रिखा
पंजाब में आंतकवाद के दौरान 32000 से भी ज्यादा निहथे लोगो को आंतकवादियों ने अपनी गोलियों का निशाना बना कर भून डाला। पंजाब के भीतर शहीद हुए उन लोगो के परिवारों के जख्म आज भी हरे है॥ आज भी शहीदों के परिवार जहां अपने बिछड़े परिजनों को याद कर खून के आंसू बहा रहें हैं। वहीं आंतकवादियों के हाथों मरे लोगो के परिवारों को केंद्र व पंजाब सरकार किसी तरह का मुआवजा देने को राजी नही है। आज शहीदों के 32000 से ज्यादा परिवार केंद्र व पंजाब सरकार के खिलाफ भड़के हुएं है।



न्याय व मुआवजा वसूली के लिए शहीदों के परिजनों को कभी कोर्ट कचहरियों के चककर काटने पड़ रहें हैं। तो कभी मंत्रियों के दरवाजों पर दस्तक देनी पड़ रही है। लेकिन न्याय नही मिल रहा सरकर से भड़के शहीदों के परिवारों ने आज सरहदी शहर के गुरुदुआरा सारागडी में सरकार के विरुद्ध एक हंगामी बैठक की।

यहां पर आल इंडिया आंतकवाद पीड़ित एसोसिएशन के राष्ट्रिय चेयरमैन डाक्टर बी आर हस्तीर व मधु शर्मा भी बोली पत्रकारों से रुबरे होते हुये बोले कि पंजाब ने 13 साल का लंबा अरसा आंतक वाद का संताप भोगा है। 32700 से ऊपर निहथे लोगों की जाने हथियारबंद आंतकवादियों ने ली जिसमें बच्चे, महिलाएं ,जवान बूढ़े तमाम शामिल थे। इनमे 2450 पुलिस कर्मी भी शामिल थे। उन्होंने कहा की केंद्र व राज्य सरकार की जिम्मेवारी थी वो शहीद हुए परिजनों के आंसू पोंछती उन्हें मुआवजे देती लेकिन किसी भी सरकार ने आंतकवाद पीड़ितों की नही सुनी।

साल 2005 में जब मनमोहन सिंह सरकार थी तो नानावती रिपोर्ट पार्लियामेंट में पेश की गई थी। 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को ही मुआवजा दिया गया पंजाब के आंतकवादियों के हाथो मरे निर्दोषों को कुछ नही मिला। मृतक हजारों लोगो को मुआवजा देने का पंजाब की सरकार ने 781 करोड़ का पैकेज बना केंद्र को सौंपा था।


लेकिन पंजाब कांग्रेस की लीडरशिप एवं उस वक्त के मुख्य मंत्री के मतभेदों के चलते मामला अधर में ही लटक कर रह गया। केंद्र के गृह विभाग में मामले से संबधित फाइल तब से वहां धूल फांक रहीं हैं। इधर शहीदों के परिजनों ने एक मत से कहा की अभी भी सरकार ने अगर हमारी मांगें न मानी तो हम पंजाब में संघर्ष को और भी तेज़ कर देंगे। यदपि हमे वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आश्वासन दिया है की वो सुहृदयपूर्ण ढंग से मामले पर विचार करेंगे तो भी जल्द नतीजा न निकला तो रोष और भड़केगा।

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