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पुत्तिंगल मंदिर वर्किंग कमेटी के 5 मेंबर्स ने किया सरेंडर

 Special News Coverage |  12 April 2016 8:59 AM GMT

पुत्तिंगल मंदिर वर्किंग कमेटी के 5 मेंबर्स ने किया सरेंडर

कोल्लम: पुत्तिंगल देवी मंदिर में आतिशबाजी के दौरान भयावह आग लगने की घटना के बाद से फरार मंदिर प्रबंधन की समिति के पांच सदस्यों ने सोमवार देर रात पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस घटना में 110 लोगों की मौत हो गई थी और 350 से अधिक घायल हुए थे।

पुत्तिंगल देवी मंदिर की प्रबंधन समिति के जिन सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है, उनमें अध्यक्ष पी.एस. जयालाल, सचिव कृष्णनकुट्टी पिल्लई, सोमसुंदरम पिल्लई और रविंद्रन पिल्लई शामिल हैं। ये सभी लोग इस वक्त अपराध शाखा पुलिस की हिरासत में हैं।


पुलिस ने परावूर शहर में आतिशबाजी के दौरान आग लगने के इस मामले में मंदिर समिति के सदस्यों, आतिशबाजी शो के ठेकेदारों और उनके कर्मचारियों सहित करीब 30 लोगों पर गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। पुत्तिंगल देवी मंदिर में रविवार तड़के करीब 3.30 बजे आग लगने की घटना के बाद मंदिर के अधिकारी फरार हो गए थे। केरल सरकार ने रविवार को ही मामले की न्यायिक जांच और अपराध शाखा को इसकी जांच करने के आदेश दे दिए थे।

आतिशबाजी के दौरान मारे गए लोगों की पहचान नहीं होने पर अब उनके डीएनए टेस्ट की तैयारी हो रही है। प्रशासन का कहना है कि कुछ लाशों की हालत इतनी खराब है कि उन्हें पहचानना मुश्किल है। ऐसे में इन लाशों का डीएनए टेस्ट कराने का प्लान बना रहा है, क्योंकि इनकी पहचान का कोई और तरीका नहीं है।

सोमवार को मंदिर के पास तीन कार बरामद की गई है। तीनों कार विस्फोटक से भरी हुई है। साथ ही कार के मालिकों का भी पता लगाया जा चुका है। कार मालिकों का नाम एसएस थुशारा, सुरेंद्रन केएल और स्टालिन अल्मेडा है। मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है।

विस्फोट से मंदिर में मौजूद करीब 15 हजार श्रद्धालुओं में चीख-पुकार के साथ भगदड़ मच गई। पुलिस के मुताबिक, भीषण विस्फोट से मंदिर के पास स्थित देवासम बोर्ड ऑफिस की इमारत ढह गई। इसकी चपेट में आने से कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई।

हादसे में घर गंवाने वाली अनिता प्रकाश ने कहा कि 'नजारा जंग के मैदान जैसा था, आखिरी धमाका तो ऐसा था जैसे कोई बम गिराया गया हो अगर घर में होते तो हम सब मर जाते।' अनिता उन्हीं पंकजाक्क्षी अम्मा की बेटी हैं जिन्होंने पुत्तिंगल देवी मंदिर में हर वर्ष होने वाली आतिशबाजी की शिकायत जिला प्रशासन से कई बार की थी।

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