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2 महीनों में एक बार होती है रेलवे के कंबलों की धुलाई ?

 Special News Coverage |  26 Feb 2016 2:18 PM GMT



railways blanket


नई दिल्ली : ट्रेनों में रेल यात्रियों को मिलने वाले चादरों, तकियों और कंबलों से दुर्गंध आने की अक्सर शिकायतों के बीच शुक्रवार को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि उन कंबलों की धुलाई दो महीने में एक बार की जाती है।


मनोज सिन्हा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान विभिन्न सदस्यों के पूरक सवालों के जवाब में कहा कि चादरों, तकियों के खोलों को हर दिन साफ किया जाता है जबकि कंबलों को दो महीनों में धोया जाता है।


कुछ सदस्यों ने ट्रेनों में रेलवे द्वारा दिए जाने वाले चादरों, कंबलों आदि की सफाई को लेकर शिकायतें की थीं। सभापति हामिद अंसारी ने कहा कि अपना बिस्तरबंद ले जाने का पुराना चलन ही अच्छा था। सिन्हा ने कहा कि यह अच्छी सलाह है और रेलवे को कोई समस्या नहीं होगी अगर यात्री उस चलन को स्वीकार करना चाहते हैं।


सिन्हा ने कहा कि इससे पहले आउटसोर्स की गयी लांड्री सेवाओं के बारे में घटिया धुलाई को लेकर नियमित शिकायतें मिलती रहती थीं। इसलिए रेल ने अपने नियंत्रण में मशीनीकृत लांड्रियां स्थापित करने का निश्चिय किया और अब तक 41 ऐसी लांड्रियां स्थापित कर दी गयी हैं। उन्होंने बताया कि अगले दो साल में 25 और ऐसी लांड्रियां चालू करने की योजना है। इसके बाद करीब 85 प्रतिशत यात्रियों की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।

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