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2011 में भेजी डाक पर डाली आर टी आई, विभाग को नही पता आयुक्त ने लगाई फटकर

 Special News Coverage |  9 Dec 2015 9:09 AM GMT


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मुरादाबाद (व्यूरो)ः केंद सरकार का सबसे बड़ा विभाग 'डाक विभाग' भी भ्रष्टाचार के गिरफ्त में जकड़ता नजर आने लगा है। विभिन्न जगहों के डाक कार्मिकों की करतूत अब खुलकर सामने आ रही है। इसी क्रम में केंद्रीय सूचना आयोग ने सुपरिंटेंडेंट डाक विभाग मुरादाबाद को फटकार लगायी है।


घटना के अनुसार मामला यह है कि डाक कर्मी नरौली तहसील चंदौसी जनपद सम्भल के द्वारा आर टी आई के अंतर्गत वर्ष 2011 में भेजी गयी डाक को प्राप्त- कर्ता से मिलीभगत कर डाक को बिन प्राप्त कराये वापस भेज दिया गया था। जिस सम्बन्ध में डाककर्मी की शिकायत भी सुपरिटेंडेंट मुरादाबाद को भेजी गयी के विरुद्ध कोई जांच और दोषियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं की गयी॥ जिसकी जानकारी के लिए आर टी आई भेज कर इस सम्बन्ध में जानकारी मांगी गयी। जिस पर इनके द्वारा दोषी को कार्यवाही से बचाने की सोच रख बार- बार आवेदक से वापस डाक की रसीद संख्या तीन साल तक मांगी जाती रही बार बार आवेदक के द्वारा साक्षय उपलब्ध करवाये जाते रहने के बावजूद कार्यवाही की जानकारी आर टी आई द्वारा नहीं उपलब्ध करवाई गयी।


हाल ही में इनको केंद्रीय सूचना आयोग देहली के सूचना आयुक्त से फटकार खानी पड़ी। आम जनता का भी यह कहना है कि डाक विभाग ने डाक वापस करने का बिजनेस बना लिया है यह विभाग कभी विश्वनीयता की मिसाल हुआ करता था और अब डाक विभाग में काम करने वाले कार्मिकों ने इसको बदनाम करने में कोई कसार बाकी नहीं रख छोड़ी है।

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