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मौसम विभाग : बिहार में 24 से 48 घंटों में चक्रवाती तूफान आने की चेताबनी

 Special News Coverage |  18 April 2016 10:31 AM GMT

मौसम विभाग : बिहार में 24 से 48 घंटों में चक्रवाती तूफान आने की चेताबनी

पटना: बिहार के 24 जिलों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाला तूफान आ सकता है, मौसम विभाग ने अलर्ट किया है। राज्य के दक्षिण-पूर्व इलाके के 24 जिलों में सोमवार की शाम तक कभी भी चक्रवाती हवाएं पहुंच सकती हैं। गरज के साथ होने वाली बारिश और नुकसान पहुंचा सकती है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के डीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क कर दिया है। पिछले साल 22 अप्रैल को आए आंधी-तूफान में 32 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल थे।


मौसम विशेषज्ञ आरके गिरी ने कहा कि 24 जिलों में थंडर स्टॉर्म की स्थितियां बनी हुई हैं। यह कभी भी विकराल रूप धारण कर सकता है। सोमवार को शाम तक आशंका बनी रहेगी। 24 घंटे बीत जाने के बाद कोई ज्यादा खतरा नहीं रहेगा। इस दौरान अधिकांश इलाके में बादल छाए रहेंगे। नार्वेस्टर के कारण मंगलवार तक गर्मी से राहत रहेगी। कई बार थंडर स्टॉर्म बिहार में स्थानीय कारणों से विकराल रूप धारण कर लेता है। अगर पांच-दस मिनट भी 70 की गति में आंधी-तूफान अगर बरकरार रहा तो भारी नुकसान होगा।

कहां-कहां अलर्ट
सुपौल, अररिया, भागलपुर, पूर्णिया, किशनगंज, मधेपुरा, खगडिय़ा, कटिहार, सहरसा, मुंगेर, जमुई, लखीसराय, बांका, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, शेखपुरा, नालंदा, नवादा और गया।

अलर्ट वाले इलाके में इन बातों का रखें ध्यान

– सामान्य आंधी-तूफान के वक्त घर में रहना ज्यादा बेहतर है।
– आंधी-तूफान के दौरान कच्चे और पुराने मकानों में न रहें।
– बड़े और पुराने पेड़ों की के नीचे न जाएं
– आसपास अगर बिजली के तार हैं तो उससे भी दूरी बनाकर रखें।
– टीन और सीमेंट की चादर वाले घरों को ऐसे तूफान में ज्यादा नुकसान होता है। ऐसे घर वाले दूर चले जाएं।
– खेतों में अगर काम कर रहे हैं तो खुले मैदान में न रहें। बिजली गिरने की भी आशंका बनी रहती है।
– साथ ही यदि आप कहीं जा रहे हैं तो अपनी गाड़ी को साइड में रोककर आंधी-तूफान के गुजर जाने का इंतजार करें।
– कोशिश करें कि किसी मजबूत आधार के पीछे छिप जाएं, जिससे कि आंधी-तूफान के दौरान उडऩे वाली लोहे के टीन शेड या ऐसी ही कोई दूसरी वस्तुओं से आपको कोई हानि न हो।
– आंधी के साथ बारिश और ओले हों तो अपना सिर बचाने का प्रयास करें।

उत्तर प्रदेश से आने वाली नमी और बंगाल की तरफ से आने वाली हवाओं के मिलन से ऐसी स्थितियां बनी हैं। दो दिन पहले तक बिहार के अधिकतर इलाकों में तापमान 42 डिग्र्री के आसपास पहुंच गया था। इसके चलते हवा का दबाव बढ़ गया। शनिवार को गया देश के सर्वाधिक गर्म शहरों में था। रविवार को गया और आसपास के इलाके का तापमान 40 डिग्री से ऊपर था। इसी बीच समुद्री किनारे से उठने वाले तूफान के चलते तापमान अचानक 5 डिग्र्री तक गिर गया। पश्चिम से आने वाली नम हवाओं से बिहार में ऐसी स्थितियां उत्पन्न हो गईं।

पश्चिम से उत्तर की ओर चलनेवाली हवा (नार्वेस्टर) एवं बंगाल की खाड़ी में कम दबाव के क्षेत्र के कारण थंडर स्टॉॅर्म का जन्म होता है। बिहार में स्थानीय कारणों के कारण यह अक्सर भारी तबाही मचा देता है।

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