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बाबरी विध्वंस की 23वीं बरसी : VHP का शौर्य दिवस, अयोध्या में कड़ी सुरक्षा धारा 144 लागू

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babri masjid anniversary


अयोध्या : 6 दिसंबर 1992 को हुए बाबरी वि‍ध्‍वंस को लेकर हर बार की तरह इस बार भी 'शौर्य दिवस' और 'यमे गम' मनाया जा रहा है। कोई देश के सभी राजनैतिक पार्टियों के मुस्लिम नेताओं, धार्मिक उलेमाओं को अयोध्या आने की दावत दे रहा है तो कोई सोशल साइट के जरिये लोगों को अयोध्या बुलाना चाहता है। इस कारण यहां धारा 144 लगा दी गई है। फ्लैग मार्च हो रहा है।

विहिप के होने जा रहे बड़े आयोजन से पूर्व शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पूर्व नियोजित आयोजन से पहले जिला प्रशासन ने अयोध्या में एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि विहिप के आयोजन में लोगों की मौजूदगी को शांति के उल्लंघन के तौर पर देखा जा सकता है। विहिप के प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि रविवार को ‘हिंदू स्वाभिमान दिवस’ मनाया जाएगा। 'शौर्य दिवस' मनाने वालों ने सोशल मीडिया के जरिये और संगठन से जुड़े लोगों को अयोध्या बुलाया है। सूत्रों की मानें तो यहां आने वालों को राम मंदिर निर्माण का संकल्प दिलाया जाएगा।

पुलिस अधीक्षक (नगर) आर एस गौतम ने बताया कि अयोध्या के विवादित ढांचा ध्वस्त होने की 23 वीं बरसी छह दिसंबर को हिन्दू और मुस्लिम संगठनों द्वारा अपने-अपने ढंग से मनाए जाने की घोषणा को देखते हुए अयोध्या में कड़ी सुरक्षा की गयी है।

वहीं, दूसरी तरफ बाबरी मसजिद विध्वंस के बरसी पर एमआईएम पार्टी ने हैदराबाद बंद का आह्वान किया है। एमआईएम पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बंद बुलाने की घोषणा की है। हैदराबाद में माहौल को देखते हुए पूरे राज्य में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गये हैं। शहर में उन्माद फैलाने वालों पर पुलिस कड़ी निगरानी रख रही है।

राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास का कहना है कि‍ अभी तक हमारे पास ऐसा कोई व्यक्ति नहीं आया जिसने 6 दिसंबर को विशेष कार्यक्रम की पहल की हो या बताया हो या हमसे कोई चर्चा भी की हो। विहिप के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा का कहना है कि‍ यह एक परंपरागत कार्यक्रम है। इसे करने के लिए हम कटिबद्ध हैं। 6 दिसंबर 1992 को विवादित ढांचा ध्वस्त हुआ तब से निरंतर बजरंग दल और हिंदू संगठन के नेताओं द्वारा यह कार्यक्रम होता है।

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