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12 साल बाद पिता के हत्यारे को 12 टुकड़ों में काट बेटे ने लिया बदला

 Special News Coverage |  22 Dec 2015 8:07 AM GMT

son kollers

मुरादाबाद : यूपी के मुरादाबाद में 24 साल के एक युवक ने अपने पिता के हत्यारे की हत्या कर दी। यही नहीं हत्या के बाद उसने शव के भी 12 टुकड़े कर दिए। और सबसे चौंकाने वाली बात यह कि मर्डर के बाद अपने आप को पुलिस के हवाले कर दिया है। आरोपी का नाम आलम खान बताया जा रहा है।

आरोपी ने बताया कि 12 साल पहले एक रिश्तेदार ने उसके पिता की हत्या कर दी थी। उस समय मैं छोटा था इसलिए कुछ न कर सका। मैंने 12 साल तक बदले की आग में जलता रहा। इसके बाद मैंने उसे काटकर अपने पिता की हत्या का बदला लिया है। यह बताते समय आरोपी के चेहरे पर थोड़ी सी भी घबराहट नजर नहीं आई। आलम के चेहरे पर जीत की मुस्कान थी।


कैसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपी ने मृतक रईस को 16 दिसंबर को इन्वर्टर लगाने के बहाने घर बुलाया। घर बुलाकर उसे शराब पिलाई और नशा चढ़ने के बाद हथौड़े से सिर पर कई बार से वार किया और तब तक मारता रहा जब तक वह मर नहीं गया। इसके बाद शव के 12 टुकड़े कर नदी किनारे फेंक आया।

शहर के एसपी राम सुरेश यादव ने बताया कि आलम ने बिना किसी पछतावे के अपना अपराध कबूल कर लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस को आलम के पास से मृतक का मोबाइल फोन और एक सिम कार्ड मिला है। पुलिस ने हत्या के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार भी बरामद कर लिया है। आलम ने चाकू और हथौड़े का इस्तेमाल कर पहले हत्या को अंजाम दिया और फिर आरी से लाश के 12 टुकड़े किए।

क्यों हुई थी पिता की मौत
उसके पिता और रईस ने एक साथ बिजली के तार की चोरी कर उसको बेचने का काम करते थे। जो पैसा जमा होता, उसका हिसाब रईस के पास होता था। पिता का काफी पैसा जब रईस पर जमा हो गया तो रईस ने अपने और दोस्तों के साथ मिलकर उनकी हत्या कर दी। नाबालिग आलम उसी दिन से अपने पिता की हत्या का बदला लेने के लिए सही वक्त का इंतजार कर रहा था।

यह मामला पुलिस की जानकारी में उस समय आया जब रामगंगा के किनारे से 16 दिसंबर को पुलिस ने एक लाश बरामद की। यह लाश 12 टुकड़ों में कटी हुई मिली। लाश का सिर नहीं होने के कारण पुलिस को उसकी पहचान करने में समय लगा। बाद में, अमीर हुसैन नाम के एक स्थानीय निवासी ने लाश की शिनाख्त अपने भाई मुहम्मद रईस के तौर पर की।

रईस के सीने पर ऑपरेशन का निशान था। इसी के आधार पर उसकी पहचान हुई। हुसैन ने पुलिस को बताया कि उसने आखिरी बार अपने भाई को आलम खान के घर किसी काम से जाते हुए देखा था, लेकिन वह उसके बाद नहीं लौटा। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और आलम को पकड़ा। पूछताछ के दौरान आलम ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।

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