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UP: विधान परिषद की 36 रिक्त सीटों पर चुनाव घोषित, 3 मार्च को मतदान, 6 मार्च को मतगणना

 Special News Coverage |  30 Jan 2016 6:15 AM GMT

UP election

लखनऊ
यूपी में स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र से विधान परिषद के 36 सदस्यों का चुनाव 3 मार्च को होगा। चुनाव आयोग ने शुक्रवार को चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया। स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र की 35 सीटें हैं, जिनसे 36 सदस्यों को चुना जाता है। 100 सदस्यों वाली विधान परिषद में 36 सदस्य स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र से होते हैं। इन्हें क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, कैंट बोर्ड के सदस्य व शहरी निकाय (नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों) के सदस्य चुनते हैं।


आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार 8 फरवरी को चुनाव की अधिसूचना जारी होगी। 15 फरवरी तक नामांकन पत्र दाखिल होंगे। तीन मार्च को मतदान और छह मार्च को वोटों की गिनती होगी।

11 हजार नये ग्राम प्रधान भी नहीं दे पाएंगे वोट
सूबे में 60 हजार ग्राम पंचायतों में 11 हजार ग्राम प्रधान भी वोट नहीं दे पाएंगे। इसका कारण उनकी ग्राम पंचायतों का गठन न होना है। दरअसल, जिन ग्राम पंचायतों में दो तिहाई सदस्य चुनकर नहीं आए थे, उन पंचायतों का गठन अभी नहीं किया गया है। सूबे में ऐसी करीब 11 हजार पंचायतें हैं। जब यहां सदस्यों के दोबारा चुनाव होंगे तब ये ग्राम पंचायतें गठित होंगी।


क्यों हुए देरी से चुनाव
100 सदस्यों वाली विधान परिषद में 36 सदस्य स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र से होते हैं। इनमें क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, कैंट बोर्ड के सदस्य व शहरी निकाय (नगर निगम, नगर पालिका व नगर पंचायतों) के सदस्य ही मतदान करते हैं। परिषद के इन 36 सदस्यों का कार्यकाल इसी महीने 15 जनवरी को पूरा हुआ है। जिला पंचायतों की चुनाव प्रक्रिया पूरी न होने से इनकी मतदाता सूची तैयार नहीं हो सकी थी। इसलिए चुनाव समय पर नहीं हो पाए।

मथुरा-एटा-मैनपुरी सीट चुने जाते है 2 सदस्य
प्रदेश में अब जिला पंचायतों का गठन हो गया है। ऐसे में भारत निर्वाचन आयोग ने स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र की सीटों के लिए चुनाव घोषित कर दिया है। इसी के साथ सूबे में जिन-जिन जिलों में यह चुनाव होगा, वहां आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। इसमें मथुरा-एटा-मैनपुरी सीट ऐसी है, जहां से दो सदस्यों का चुनाव होता है।


चुनाव कार्यक्रम
अधिसूचना जारी 8 फरवरी करने की तिथि
नामांकन की 15 फरवरी अंतिम तिथि
नाम वापसी 18 फरवरी
मतदान 3 मार्च
मतदान का समय सुबह 8 से शाम 4
मतगणना 6 मार्च

कौन कौन सी सीट पर होना है चुनाव
मुरादाबाद-बिजनौर, रामपुर-बरेली, बदायूं, पीलीभीत-शाहजहांपुर, हरदोई, खीरी, सीतापुर, लखनऊ-उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, फैजाबाद, बस्ती-सिद्धार्थनगर, गोरखपुर-महाराजगंज, देवरिया, आजमगढ़-मऊ, बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, मिर्जापुर-सोनभद्र, इलाहाबाद, बांदा-हमीरपुर, झांसी-जालौन-ललितपुर, कानपुर-फतेहपुर, इटावा-फर्रुखाबाद, आगरा-फीरोजाबाद, मथुरा-एटा-मैनपुरी, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ-गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर-सहारनपुर



अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 6 को
विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए मतदाता सूची में संशोधन के लिए सुझाव व आपत्तियां 30 जनवरी तक मांगी गई हैं। तीन फरवरी तक इन आपत्तियों व सुझावों का निपटारा किया जाएगा। इसके बाद छह फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होगा।
सवा लाख मतदाता करेंगे 36 सदस्यों के भाग्य का फैसला


स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के 36 सदस्यों के भाग्य का फैसला सवा लाख मतदाता करेंगे। इनमें पुरानी क्षेत्र पंचायत के 65 हजार सदस्यों के साथ ही करीब 50 हजार ग्राम प्रधान व तीन हजार जिला पंचायत सदस्य शामिल हैं। इनके अलावा कैंट व शहरी निकायों के पांच से आठ हजार सदस्य भी मतदान करेंगे।


पुरानी क्षेत्र पंचायतों में नए ग्राम प्रधान डालेंगे वोट

सूबे में क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 17 मार्च तक है, लेकिन ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है। नई ग्राम पंचायतों का भी गठन हो गया है। क्षेत्र पंचायतों में ग्राम प्रधान पदेन सदस्य होते हैं। इसलिए नए ग्राम प्रधान पुरानी क्षेत्र पंचायतों के सदस्यों के साथ वोट डालेंगे। पुरानी क्षेत्र पंचायतों में नए ग्राम प्रधान डालेंगे वोट।


15 जनवरी को रिक्त हुई थीं सीटें

सूबे की क्षेत्र पंचायतों के 77,531 नए सदस्य चुन तो लिए गए हैं, लेकिन वे विधान परिषद के स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए आगामी तीन मार्च को होने वाले चुनाव में वोट नहीं डाल पाएंगे। इसकी वजह अभी क्षेत्र पंचायतों का गठन न होना है। वर्तमान में गठित क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 17 मार्च तक है, इसलिए इस चुनाव में पुराने क्षेत्र पंचायत सदस्य ही मतदान करेंगे।


विधान परिषद की स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के 36 सदस्यों के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, स्थानीय कैंट बोर्ड के सदस्यों के अलावा शहरी निकायों के सदस्य मतदान करते हैं। ग्राम प्रधान भी क्षेत्र पंचायत के पदेन सदस्य होेते हैं, इसलिए वे भी इसमें मतदान करते हैं। स्थानीय विधायक व सांसद भी जिला पंचायतों के पदेन सदस्य होने के नाते इसमें वोट डालते हैं। हालांकि इस बार की मतदाता सूची नए व पुराने सदस्यों का मिला-जुला रूप होगी। सूबे में जिला पंचायतों का गठन हो गया है। इसलिए 3112 जिला पंचायत सदस्य मतदाता सूची में शामिल कर लिए गए हैं। वहीं, ग्राम पंचायतों का भी गठन हो गया है। ग्राम प्रधान चूंकि क्षेत्र पंचायतों के पदेन सदस्य होते हैं, इसलिए वे मतदान कर सकेंगे।

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