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शहीदों का अपमान करने वाले आसुरी लोग देश छोड़े: बीजेपी सांसद

 Special News Coverage |  25 March 2016 11:02 AM GMT

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अम्बेडकर नगर पं० सत्यम् मिश्रा
शहीदों का बेईज्जती किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। भारत माँ तथा देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले हमारे अमर शहीदों का अपमान करने वालों को देश में रहने का कोई हक़ नहीं है।


यह बातें बीजेपी के अम्बेडकर नगर सीट से सांसद डॉ हरीओम् पांडेय ने दारीडीहा बरई ,गाँव भीटी में एक शाहीद सम्मान समारोह में बतौर मुख़्य अतिथि सांसद पाण्डेय ने जन समूह को संबोधित करते हुए कहीं। पाण्डेय ने,अमर शहीद परम् आदरणीय भगत सिंह जी,आज़ाद चंद्रशेखर जी और राजगुरु जी को श्रद्धा सुमन अर्पित किये।



भोजपुरी फ़िल्म के कलाकार जय सिंह की तरफ से स्थानीय शहीदों के परीजनों को सम्मानित करने के लिए आयोजित कार्यक्रम में बोलते हए अम्बेडकरनगर सीट के सम्मानित सांसद हरिओम पाण्डेय ने ये भी कहा क़ि,जो सैनिक देश की सीमा पर देश के लिए और हमारे लिए शहीद हों रहें हैं, ताकि हम और उन आसुरी प्रवत्ति वाले जैसे लोग भी अपने घरोँ में और अपने प्रियजनों के साथ बाहर महफ़ूज रह सकें,और अमर शहीदों की तुलना देश की बड़ी पार्टी कांग्रेस ने एक ऐसे शख्स से कर कर डाली जिसका नाम कन्हैया हैं। जिसने,जे०एन०यू के परिषर में भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की इच्छा जाहिर कि थी,जिस पर देश-द्रोही का मुकदमा दर्ज हैँ। जिसे देश की न्यायालय ने छः माह की अंतरिम ज़मानत पे छोड़ा हैं। वो हमारा हीरो कैसे हो सकता है,और आप को ज्ञात होगा क़ि ये वहीँ राष्ट्र-द्रोही है जिसने कुछ दिन पहले राष्ट्र के सैनिकों पर एक संगीन अरोप लगाया था।जिसको कहने में भी मेरी जिह्वा लड़खड़ाती हैं।


उस देशद्रोही की तुलना हमारे शहीद देशभक्तों से करना ये कहाँ तक उचित हैं,ऐसे राष्ट्र विरोधियों तत्वों को देश से निष्कासित कर देना चाहिए,जो कांग्रेस पार्टी देश की नहीं हो सकी वो जनता जनार्दन की क्या होंगी। पाण्डेय ने आगे संबोधित करते हुए कहा की मैंने मानव संसादन मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमे मैंने ये जिक्र किया है की केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्थानांतरण नियम लागू किया जाये। ताकि प्रोफेसरो और प्रवक्ताओ का ज्यादा दिन बीत जाने पर उनका तबादला कर देंना चाहिए। ताकि नये वतावरण और नए शिष्यों से मिल कर, उन गुरु और शिष्यों में नवीन विचारों का आदान-प्रदान हो सके,सीखने और सिखाने की ना ही कोई उम्र होती है और ना ही कोई पद,बस धारण और धारणा सही होना चाहिए।

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