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बच्चों में कुपोषण गम्भीर समस्या: डीएम

 Special News Coverage |  4 Jan 2016 11:18 PM GMT


सहारनपुर (दिनेश मोर्य)ः जिलाधिकारी पवन कुमार ने कहा कि बच्चों में कुपोषण एक गम्भीर समस्या है। तीन वर्ष से कम आयु के 42 प्रतिशत बच्चो का वजन अपनी आयु के अनुसार कम है। तथा बच्चों की ऊचांई भी अनुपात में अत्यंत कम है। जबकि 7 प्रतिशत बच्चें अतिगम्भीर रूप से कुपोषित है।


जिलाधिकारी पवन कुमार एसबीडी अस्पताल में पोषण पुनर्वास केन्द्र का फिता काटकर उद्घाटन करने के बाद समारेाह को सम्बोधित कर रहे थे। समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों के उपचार के लिये राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भारत सरकार के निर्देश पर प्रत्येक जिले में पुनर्वास केन्द्र की स्थापना का निर्णय लिया गया है। जिसमें पांच वर्ष तक के अति कुपोषित बच्चों की उचित देखभाल करने के साथ-साथ कुपोषण से होने वाली शिशु एवं बाल दर में कमी लाना है।



समारोह को सम्बोधित करते हुए चिकित्सालय की प्रमुख अधीक्षक डा. आशा शर्मा ने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में अतिकुपोषित बच्चों की शारिरीक एवं मनोसमाजिक वृद्धि को प्रोत्साहित करने, बच्चों के खानपान तथा उचित देखभाल से माताओं के व्यवहार में परिवर्तन लाने की क्षमता को विकसित करना ही केन्द्र का मुख्य उदेश्य रहेगा। बाल रोग विशेषज्ञ डा. इंद्रेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कुपोषित बच्चो मे मृत्यु की सम्भावना आम बच्चो की अपेक्षा 9 प्रतिशत अधिक होती है। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौ. सईद, डा. प्रवीण कुमार, सुधीर कुमार, मौ. खालिद, डा. विक्रम सिंह पुण्डीर, डा. जीके, डा. गीता राम, मौ. खालिद व मोहित कुमार तथा यूनिट में कार्यरत उपचारिका नीलम, मोनिका जैम्स, अनुराधा, रूबी, केयरटेकर राहुल आरोडा व हमीदा आदि उपस्थित थे।

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