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कर्ज और फर्ज से परेशान दुखी किसान ने की आत्महत्या, 16 अप्रैल को नातिन की शादी

 Special News Coverage |  10 April 2016 7:24 PM GMT

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झाँसी
बैंक और साहूकारों के कर्ज़ से तंग आकर झांसी में फिर एक बुज़ुर्ग किसान ने ख़ुदकुशी कर ली। उनकी लाश गांव के किनारे एक आम के पेड़ पर लटकी हुई मिली। किसान की पहचान पोदल पाल पुत्र मनोहर के रूप में हुई है। 16 अप्रैल को उनकी नातिन की शादी होने वाली थी।

झांसी के किसान नेता शिव नारायण सिंह परिहार ने बताया कि पोदल की तीन एकड़ ज़मीन पर गेहूं की फसल लगी थी लेकिन कटाई में फसल बिल्कुल नहीं निकली। इस फसल के लिए पोदल ने किसान क्रेडिट कार्ड पर 50 हज़ार का कर्ज़ लिया था। इसके अलावा साहूकारों से भी उन्हें कर्ज़ा लेना पड़ा था।


शिव नारायण के मुताबिक उन्हें 16 अप्रैल को अपनी नातिन की शादी करनी थी लेकिन चौपट फसल की वजह से उनकी उम्मीदें टूट गईं। उन्हें यह डर भी सता रहा था कि बैंक और साहूकार का कर्ज़ा कैसे चुकाया जाए।

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बुंदेलखंड के सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सागर के मुताबिक झांसी और महोबा जैसे इलाक़े में भीषण सूखा पड़ा है। तमाम कोशिशों के बावजूद किसानों को फसल से कुछ नहीं मिल रहा। मौतों का सिलसिला लगातार जारी है।

आशीष ने बताया कि वह कटाई में निकली फसल देखकर बेहद परेशान थे। 8 अप्रैल को घर से निकलने के बाद वह वापस नहीं लौटे। घरवालों ने जब उन्हें ढूंढना शुरू किया तो गांव के किनारे उनकी लाश मिली।

आशीष ने यह भी दावा किया है कि उनकी पुलिस को इत्तेला करने के बावजूद उनकी लाश पांच घंटे तक पेड़ से लटकती रही। मृतक किसान पोदल 65 के दो बेटे हैं जो आसपास के इलाकों में पानी पूरी बेचते हैं।

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