Home > Archived > फतेहपुरः जमीन के लालच में भतीजे ने किया गोलीकांड, चाची और बहिन की मौत एक घायल

फतेहपुरः जमीन के लालच में भतीजे ने किया गोलीकांड, चाची और बहिन की मौत एक घायल

 Special News Coverage |  15 April 2016 6:15 AM GMT

killed_1460660781

फतेहपुर
संपत्ति के झगड़े में एक महिला और उसकी बड़ी बेटी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने महिला की छोटी बेटी को भी गोली मारी। उसे कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वह कुछ बता पाने की हालत में नहीं है। हत्या का आरोप महिला के सगे भतीजे (पूर्व प्रधान) व उसके बेटों पर लगा है। महिला के पति की भी 12 साल पहले हत्या हुई थी। यह वारदात गुरुवार सुबह मलवां थाना क्षेत्र के सहिली गांव में हुई। गांव में पुलिस ने डेरा डाल दिया है। डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही व एसपी कलानिधि नैथानी ने भी मौका मुआयना किया।


सहिली गांव में विमला देवी (45) अपनी दो बेटियों कुमुद (24) और इला (14) के साथ रहती थीं। पति इंद्र नारायण अवस्थी दमापुर इंटर कॉलेज में व्यायाम शिक्षक व शिवसेना के जिला प्रमुख थे। वर्ष 2004 में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक आश्रित के तौर पर विमला देवी को इसी कालेज में क्लर्क की नौकरी मिली थी।

बड़ी बेटी कुमुद की 16 अप्रैल को शादी होने की तैयारी चल रही थी। गुरुवार को तेल पूजन का कार्यक्रम था। विमला के घर के सामने जेठ गणेश नारायण और बगल में दूसरे जेठ दिनेश नारायण एडवोकेट के मकान बने हैं। गणेश का बेटा पूर्व प्रधान आदित्य नारायण गांव के बाहर कारखाना लगाए है।

पुलिस की पूछताछ में दिनेश ने बताया कि आदित्य गुरुवार सुबह अपने बेटों चंदन, छोटू व कुछ अज्ञात लोगों के साथ विमला के घर पहुंचा। विमला घर के बाहर साफ-सफाई कर रही थी। हमलावरों ने दो गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी। हमलावर घर के अंदर पहुंचे और बड़ी बेटी कुमुद को भी दो गोली मारी।

घर में छोटी बेटी को तलाशा लेकिन वह नहीं मिली। बाहर निकलते समय इला दूध लेकर घर की ओर आती दिखी तो हमलावरों ने उसे भी दो गोलियां मारीं और असलहे लहराते हुए भाग निकले। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि विमला देवी व कुमुद की मौत हो चुकी है। इला की सांस चल रही थी।

लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और एंबुलेंस से इला को जिला अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने तुरंत कानपुर रिफर कर दिया। विमला के जेठ दिनेश नारायण ने पुलिस को बताया कि बडे़ भाई गणेश से छोटे भाई इंद्र नारायण ने वर्ष 2003 में तीन बीघा जमीन का बैनामा 32 हजार रुपये बीघे की दर से कराया था।

आपसी बातचीत में तय हुआ था कि रुपये वापस करने के बाद जमीन लौटा देंगे। दो बीघा जमीन का 64 हजार रुपये देकर गणेश ने उसे वापस कर दिया था, तभी इंद्र नारायण की हत्या हो गई। उसी के बाद से आदित्य बाकी जमीन लौटाने की मांग अपनी चाची विमला से करता रहा है। विमला ने पति की मौत के बाद भतीजे से सारा हिसाब किताब खत्म होने की बात कह दी थी। इसी खुन्नस में वारदात को अंजाम दिया गया।

सीओ सिटी समरबहादुर ने बताया कि विमला देवी के नाम करोड़ों की संपत्ति है। महिला व उसकी बेटियों की मौत से जायदाद बाकी परिवार के सदस्यों को ही मिलनी थी। पुरानी तीन बीघा जमीन का विवाद भी चल रहा था। पुलिस ने फिलहाल पूर्व प्रधान आदित्य और उसके बेटों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। डीआईजी जितेंद्र कुमार शाही व एसपी कलानिधि नैथानी ने कई टीमें बनाकर आरोपियों की गिरफ्तारी और साक्ष्य जुटाने का काम तेज करा दिया है। पुलिस अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।

Tags:    
Share it
Top