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अयोध्या राम मंदिर को लेकर भागवत पर भड़के ओवैसी, बोलें, क्या चीफ जस्टिस है RSS नेता

ओवैसी ने दावा किया है कि संघ और भाजपा राम मंदिर पर 'निंदनीय' बयान देकर गुजरात चुनाव में इसका राजनीतिक फायदा लेना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस आग से खेल रहा है।

 आनंद शुक्ल |  2017-12-04 07:51:28.0  |  नई दिल्ली

अयोध्या राम मंदिर को लेकर भागवत पर भड़के ओवैसी, बोलें, क्या चीफ जस्टिस है RSS नेता

हैदराबाद: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएसमअाईएम) चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने अारएसएस प्रमुख पर हमला बोला है। राम मंदिर निर्माण को लेकर मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने कहा कि जब मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित तो आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत किस हक से राम मंदिर बनना चाहिए की बात कह रहे हैं, वो क्या चीफ जस्टिस हैं।

ओवैसी ने इसको लेकर संघ और भाजपा पर निशाना साधा। ओवैसी ने दावा किया है कि संघ और भाजपा राम मंदिर पर 'निंदनीय' बयान देकर गुजरात चुनाव में इसका राजनीतिक फायदा लेना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस आग से खेल रहा है और सुप्रीम कोर्ट इस पर संज्ञान लेगा। वहीं भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने भागवत को बड़ा दूरदर्शी बताते हुए कहा कि संघ प्रमुख सौ फीसदी सही बोल रहे हैं।
भागवत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद पर 5 दिसंबर को सुनवाई से पहले भाजपा और अारएसएस 'भय का वातावरण' बनाना चाहते हैं। उन्होंने आशा जताई कि सुप्रीम कोर्ट इस घृणित षडयंत्र पर संज्ञान लेगा। उन्होंने कहा, 'यह बयान (मोहन भागवत) का न देश के लिए अच्छा है और न ही देश के सुप्रीम कोर्ट के लिए।'
ओवैसी ने आरोप लगाया कि आरएसएस इसके जरिए गुजरात और वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में फायदा लेना चाहता है। उन्होंने कहा, 'यह एक नाजुक मसला है और आरएसएस इस तरह के निंदनीय बयान देकर आग से खेल रहा है। हमें आशा है कि सुप्रीम कोर्ट साक्ष्यों के आधार पर फैसला देगा न कि केवल आस्था के आधार पर। गौरतलब है कि राम मंदिर मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया था। कर्नाटक के उडुपी में चल रही धर्म संसद के दौरान मोहन भागवत ने कहा कि राम जन्मभूमि पर सिर्फ राम मंदिर ही बनेगा। धर्म संसद में आरएसएस प्रमुख ने कहा, 'राम जन्मभूमि पर राम मंदिर ही बनेगा और कुछ नहीं बनेगा। उन्हीं पत्थरों से बनेगा, उन्हीं की अगवानी में बनेगा, जो इसका झंडा उठाकर पिछले 20-25 वर्षों से चल रहे हैं।'

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