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ताजमहल में खुला 'बेबी फीडिंग रूम', ऐसी सुविधा देने वाला देश का पहला स्मारक

ताजमहल देखने के लिए अपने नवजात शिशुओं के साथ आने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी है?

ताजमहल में खुला बेबी फीडिंग रूम, ऐसी सुविधा देने वाला देश का पहला स्मारक
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ताजमहल देखने के लिए अपने नवजात शिशुओं के साथ आने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी है. ताजमहल परिसर में गुरुवार को एक एयर कंडीशनिंग बेबी फीडिंग रूम खोला गया. केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रहलाद सिंह पटेल ने बेबी फीडिंग रूम का उद्घाटन किया. सांसद एसपी सिंह बघेल भी इस मौके पर मौजूद रहे. केंद्रीय राज्य मंत्री के मुताबिक आगरा किला और फतेहपुर सीकरी में भी बेबी फीडिंग रूम खोले जाएंगे.

गौरतलब है कि ताजमहल को रोजाना औसतन 22,000 पर्यटक देखने आते हैं. यह भारतीय और विदेशी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है. इस साल की शुरुआत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने यहां एक बेबी फीडिंग रूम बनाने की घोषणा की थी, जिससे महिला पर्यटकों को राहत मिलेगी.

ASI में अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकर ने कहा, "किसी भारतीय स्मारक में खुलने वाला यह पहला बेबी फीडिंग रूम है."

उन्होंने कहा, "ताजमहल परिसर में यह 12 बाई 12 फीट का कमरा है. इसमें डायपर चेंजिंग टेबल, सोफा सेट है, जिसे खास तौर पर बच्चे को फीड कराने के लिए बनाया गया और इसमें रबर फ्लोरिंग है. वहां एक महिला कर्मचारी होगी जो महिलाओं का सहयोग करेंगी. इस कक्ष से फीडिंग कराने वाली मांओं को निजी जगह मिलेगी, यह बहुत महत्वपूर्ण है."

सार्वजनिक ब्रेस्टफीडिंग के लिए होते रहे हैं आंदोलन

पिछले साल, कोलकाता में महिलाओं ने एक मॉल के बाहर विरोध प्रदर्शन किया जहां कर्मचारियों ने एक महिला को अपने बच्चे को शौचालय में जाकर स्तनपान कराने के लिए कहा था और उसकी शिकायत का भी मजाक उड़ाया था.

लगभग 80 लाख लोग हर साल आगरा में ताज महल घूमने के लिए आते हैं. आगरा में दो और ऐतिहासिक इमारतें हैं. ऐसे में वसंत कुमार ने कहा कि उन्होंने आगरा में दो अन्य ऐतिहासिक स्मारकों को इसी तरह के फीडिंग रूम बनाने के आदेश दिए हैं. इसपर एएसआई का कहना है कि यह पहली बार है जब भारत के 3,600 से ज्यादा स्मारकों में से किसी में भी इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.

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