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"मर्यादापुरूषोतम् के मंदिर की नीव रखेगें मोदी"

मर्यादापुरूषोतम् के मंदिर की नीव रखेगें मोदी
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चुनाव तक खूब मंदिर घूमें जैसे ही चुनाव के परिणाम आए मोदी जी कोे पुनः भारत की महान जनता ने रिकार्ड बहुमत से अपना प्रधानमंत्री चुन लिया।

नरेन्द्र सिंह राणा

माननीय सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के पक्ष में फैसला दिया तय समय सीमा के अन्तर्गत केन्द्र सरकार ने ट्रस्ट बना दिया। ट्रस्ट के सदस्यों की पहली बैठक भी दिल्ली में हो चुकी है। राम मंदिर ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री मोदी जी से मुलाकात की है। ट्रस्ट के अध्यक्ष पूज्य नृत्यगोपाल दास जी तथा बाबरी मस्जिद के पैरोकार इकबाल अंसारी सहित अन्य ने भी ट्रस्ट गठन से पूर्व ही इच्छा व्यक्त कर दी थी कि मर्यादा पुरूषोतम् परमात्मा श्रीराम के मंदिर की नींव की पहली ईंट भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री जी रखे तो उन्हें खुशी होगी। बताते चलें बाबरी मस्जिद के पैरोकार रहे मोहम्मद इकबाल अंसारी ने तथा दिगम्बर अखाडा के महंत सुरेशदास ने और रामलला के प्रधान आचार्य ने यह अपेक्षा की है मर्यादापुरूषोतम् परमात्मा श्री राम के भव्य मंदिर की नीव भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी रखे।

20 जनवरी 2020 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में प्रस्तावित केन्द्रीय मार्गदर्शक मण्डल की बैठक में भी सभी की यही राय थी। है। रामजन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महन्त नृत्यगोपाल दास जी ने कहा था कि रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण का स्वरूप और मंदिर के शिलान्यास को लेकर स्थिति बैठक के बाद काफी हद तक स्पष्ट हो जाएगी। न्यास के अध्यक्ष जी ने राम मंदिर निर्माण की तैयारियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व गृहमंत्री अमित शाह पर पूरा भरोसा जताया है। महंत जी नेे यह भी कहा कि मकर सक्रान्ति को खरमास समाप्त होते ही मंदिर निर्माण को लेकर शासकीय स्तर पर प्रयास भी सामने आ सकता है। यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी का सम्मान पूरी दुनिया करती है। दुनिया की महाशक्ति अमेरिका में मोदी जी का हााॅर्दिक स्वागत वहां के तत्कालीन राष्ट्रपति बराक ओबामा से लेकर वर्तमाान के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दिल खोल कर किया है। रूस, जापान, जर्मनी, इंग्लैण्ड, इजराइल तथा पूरा साऊदीअरब मोदी जी के प्रति विशेष आदर का भाव रखता है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने मोदी जी को सबसे बडे सम्मान ''चैम्पियन आफ दा अर्थ से नवाजा है। दुनिया के कई राष्ट्रों ने नरेन्द्र मोदी जी को अपने यहां के सर्वोच्च सम्मान दिया है। विदेश की धरती पर मोदी जी ने कई हिन्दू बौद्ध मंदिरों की नीव रखी है। मोदी जी एक कर्म योद्धा है। अन्याय के खिलाफ बेखौफ लड़ते है कडे़ फैसले भी तुरन्त लेते है। मोदी जी की पहचान एक प्रखर वक्ता, अनुशासित नेता के साथ-साथ अपनी संस्कृति के प्रति पूर्ण समर्पित रहने वाले जननायक के रूप में होती है। स्वामी विवेकानंद का ज्ञान, दर्शन स्वामी रामतीर्थ की महान सोच जो विदेशियों ने देखी व समझी थी उसकी स्पष्ट झलक विश्व मोदी जी में देखता है। मोदी है तो मुकिन है यह धारणा भी दिनोदिन गहराती जा रही है। भ्रष्टाचार पर जीरो टारलेंस की मोदी जी छाप पूरेे उनके मंत्रिमण्डल पर साफ देखी जा सकती है। आजाद भारत में पहली ऐसी सरकार देखने को मिली है, देशवासियों को जिस पर भ्रष्टाचार का कोई दाग नहीं लगा है। विपक्ष ने जब यह प्रयास कियाा कि मोदी जी की ईमानदारी पर प्रश्नचिन्ह लगया जाए तो उनको मुंह की खानी पड़ी है। देश की महान जनता ने उनके आरोपों की धज्जियां उड़ा दी।

राफेल विमान सौदे को लेकर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने वर्षों तक मोदी जी की सरकार पर विमान सौदे को लेकर मनघडन्त आरोप लगाए कभी उद्योग पति से सांठ-गांठ का तो कभी विमान की कीमत बढाने काा आरोेप पूरे जोर शोर से लगाया। देशभर में घूम-घूम कर रैलियां की, प्रेस कान्फ्रंेस कर आरोप दोहराते रहे। भारत के राष्ट्रपति से लेकर सर्वोेच्च न्यायालय तक गए सभी जगह उनको निराशा ही हाथ लगी। माननीय सुप्रीमकोर्ट ने तो साफ-साफ कह दिया कि उसने पूरे मामले की गहन जांच की है कहीं भी कोई कमी इस मामले में दिखाई नहीं दी है। कोर्ट का नाम घसीटने पर राहुल गांधी को ना चाहते हुए भी माफी मांगनी पड़ी।

भाजपा से पूर्व केन्द्रीय गृहमंत्री रहे यशवंत सिन्हा तथा शत्रुघन सिन्हा व अरूण शौरी तक को कांग्रेस ने अपने साथ लेकर भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार पर यह कहावत सही साबित हुई कि आसमान व सूर्य पर थूकनेे वालों के ऊपर ही वह थूक आकर गिरता है। यशवंत सिन्हा जैस कद्ावर नेता, शत्रुघन जैसेे स्टार व नेता तथा अरूण शौरी जैसेे वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार को ऐसा लगा होगा कि वह सफेद को काला कहेंगे तो लोग मान ही लेंगे। अपनी मान मर्यादा भी गंवा बैठे। शत्रुघन सिन्हा ने तो यह बात भी कांग्रेस पार्टी मेें शामिल होकर सिद्ध कर दी की उनके पीछे कांग्रेस पार्टी की मिलीभगत थी। पटना साहब से लोकसभा चुनाव हाथ के पंजे पर लडे़ करारी हार का सामना करना पड़ा। ईमानदारी पर लड़ नहीं पाए तो राहुल गांधी ने हिन्दू होने, भगवान का भगत होेनेे की चाल चली। मंदिर-मंदिर जाने लगे, जनेऊ पहने लगे। कांग्रेसियों ने यह कहते हुए कि राहुल गांधी हिन्दू है भगवान के भगत है आसमान सर पर उठा लिया।

मोदी जी की नकल भी अकल से नहीं कर पाए राहुल गांधी एक मंदिर में बैठे तो पूजा के समय कैसे बैठा जाता है, यह भी भूल गए और नमाज वाले आसन में बैठ गए पण्डित जी के कहने पर सुखआसन में बैठे। पवित्र कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकल पडे़। चुनाव तक खूब मंदिर घूमें जैसे ही चुनाव के परिणाम आए मोदी जी कोे पुनः भारत की महान जनता ने रिकार्ड बहुमत से अपना प्रधानमंत्री चुन लिया। तब से अब तक श्रीमान् राहुल गांधी जी कभी जनेऊधारी व मंदिर-मंदिर जातेे नहीं दिखे है।

मोदी जी तो चुनाव से पूर्व हो या बाद हो अपना प्रत्येक कार्यक्रम प्रथम देव दर्शन व पूजा के साथ ध्यान हो, प्रयाग में कुंभ के समय मां गंगा में स्नान होे, मथुरा वृदावंन में गऊ माता की पूजा हो, वाराणसी में बाबा विश्वनाथ का रूद्रभिषेक हो सब ईश्वर के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा के कारण ही है। मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद सभी विदेशी राष्ट्रध्यक्षों को भेंट स्वरूप ''गीता जी'' दी है। राष्ट्रपति भी अब सभी राष्ट्राध्यक्षों को गीता जी ही देेते है। मां गंगा की अविरल व निर्मलता की बात हो गीता जी व गऊ माता की बात हो मोदी जी की सरकार की प्राथमिकताओं में है। ईश्वर गऊ, गंगा, गीता के प्रति उनकी अगाध श्रद्धा ही के कारण संत समाज भी यही चाहता है कि इस महान नेता के हाथों ही मर्यादापुरूषोतम् भगवान श्रीराम के मंदिर का शिलान्यास हो।

लेखक नरेन्द्र सिंह राणा प्रदेश प्रवक्ता भाजपा है

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