Top
Begin typing your search...

अयोध्या के हनुमान गढ़ी के महंत क्यों नहीं दे पाते वोट, जानिए पूरी बात

अयोध्या के हनुमान गढ़ी के महंत क्यों नहीं दे पाते वोट, जानिए पूरी बात
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व यानी लोकसभा चुनावों में जहां सबको मतदान करने का बराबर अधिकार दिया गया है तो वहीं भगवान राम की जन्मभूमि अयोध्या के हनुमान गढ़ी के महंत इस अधिकार से वंचित रह जाते हैं।हालांकि इस गढ़ी ने 18वीं शताब्दी की समाप्ति से पहले ही व्यस्क मताधिकार पर आधारित लोकतंत्र को स्वीकार कर लिया था लेकिन इसके बावजूद भी यहां के महंत वोट नहीं डाल पाते हैं।

इसकी क्या वजह है आगे जानते है

अयोध्या के हनुमान गढ़ी में आजादी मिलने से बहुत पहले ही इस लोकतांत्रिक चुनाव प्रणाली को अपना लिया था। लेकिन यहां कि एक ऐसी परंपरा है जो यहां के लोकतांत्रिक ढंग से निर्वाचित सर्वोच्च पदाधिकारी को किसी भी मतदान में वोट देने से रोकती है। यहां की परंपरा है कि इस पद पर बैठे महंत को 52 बीघे के परिसर से शोभा यात्रा के साथ बाहर निकलना होता है। क्योंकि मतदान के दिन इस तरह से बाहर निकलना संभव नहीं हो पाता इसलिए यहां के महंत अपने वोट का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। हालांकि बहुत से गद्दीनशीनों को इस बात का दुख भी होता है लेकिन वो इस परंपरा के आगे हार मानने पर मजबूर हो जाते हैं।

हालांकि जानकारों के मुताबिक गढ़ी के संविधान में कुछ बदलाव किया जा सकता है जिसके अनुसार मतदान के दिन को अपवाद बनाया जा सकता है। लेकिन इस बात की याद गद्दीनशीनों को चुनाव के समय ही आती है। और चुनाव के समय इस तरह के काम करना संभव नहीं हो पाता है। इसलिए यह परंपरा ऐसे ही बनी रह जाती है।

Next Story
Share it