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राफेल विमान सौदे पर बहु-प्रतीक्षित सीएजी रिपोर्ट पर बोलीं मायावती

 Special Coverage News |  13 Feb 2019 7:41 AM GMT  |  लखनऊ

राफेल विमान सौदे पर बहु-प्रतीक्षित सीएजी रिपोर्ट पर बोलीं मायावती
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राफेल विमान सौदे पर बहु-प्रतीक्षित सीएजी रिपोर्ट का जनता को काफी समय से इन्तजार था. जो आज पूरा हो गया है. इस रिपोर्ट को आज प्रस्तुत किया गया है. जिस पर राफेल विमान सौदे पर बोल रहे नेता अब खुलकर सामने आ गये है. इस पर बसपा मुखिया मायावती ने भी मुखर विरोध दर्ज करते हुए कहा.


मायावती ने कहा कि राफेल विमान सौदे पर बहु-प्रतीक्षित सीएजी रिपोर्ट जनता की नज़र में आधी अधूरी सामने आई है. यह न तो सम्पूर्ण और न ही पूरी तरह से सही ही कही जा सकती है. बीजेपी सरकार में क्यों संवैधानिक संस्थाये अपना काम पूरी ईमानदारी से नहीं कर पा रही हैं? देश इस बात से चिन्तित है. आखिर इन संस्थाओं को खुलकर सही बात बोलने से आखिर रोक कौन रहा है.



राफेल डील पर देश की सियासत में मचे घमासान के बीच सीएजी की रिपोर्ट राज्यसभा में पेश कर दी गई. इसमें कांग्रेस की अगुवाई वाले यूपीए के मुकाबले नरेंद्र मोदी सरकार के शासनकाल में हुए राफेल सौदे को 2.86% सस्ता बताया गया है. सीएजी रिपोर्ट के मुताबिक, 126 विमानों की तुलना में भारत ने 36 राफेल विमानों की डील में कुल 17.08% पैसा बचाया है. मोदी सरकार ने साल 2016 में फ्रांस सरकार के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद का सौदा किया था. यूपीए के समय में 126 राफेल विमान खरीदने का प्रयास किया गया लेकिन कई शर्तों पर आम राय नहीं बन सकी थी.


सीएजी रिपोर्ट राज्यसभा में पेश किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने ट्वीट कर लिखा, 'सत्यमेव जयते-सत्य की जीत हमेशा होती है. राफेल पर सीएजी रिपोर्ट से यह कथन एक बार फिर सच साबित हुआ है.' एक अन्य ट्वीट में जेटली ने कहा, 'सीएजी रिपोर्ट से महाझूठबंधन के झूठ उजागर हो गए हैं.


रिपोर्ट में 2007 और 2015 की मूल्य बोलियों का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया है. इसमें लिखा है, 'आईएनटी द्वारा गणना किए गए संरेखित मूल्य 'यू 1' मिलियन यूरो था जबकि लेखापरीक्षा द्वारा आंकलित की गई संरेखित कीमत 'सीवी' मिलियन यूरो थी जो आईएनटी संरेखित लागत से लगभग 1.23 प्रतिशत कम थी. यह वह मूल्या था जिस पर 2015 में अनुबंध पर हस्ताक्षर किए जाने चाहिए थे यदि 2007 और 2015 की कीमतों को बराबर माना जाता. लेकिन इसके जगह 2016 में 'यू' मिलियन यूरो के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए थे जो लेखापरीक्षा के संरेखित कीमत से 2.86 प्रतिशत कम थी.'

इससे पहले, राफेल डील को लेकर कांग्रेस के सांसदों ने राहुल गांधी के नेतृत्व में संसद परिसर में प्रदर्शन किया. इस दौरान सांसदों ने 'चौकीदार चोर है' के नारे लगाए. विरोध प्रदर्शन के दौरान सोनिया गांधी और पूर्व पीएम मनमोहन सिंह भी मौजूद थे.

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