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क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम बिगाड़ सकते है राजनाथ का गणित?

लखनऊ के लगभग 6 लाख मुस्लिम और इतने ही पंण्डित वोटर के अलावा हर जाति धर्म के सेक्युलर इन्साफ पसंद वोटर मिल के उनकी नैया पार लगा सकते हैं।

 Special Coverage News |  25 April 2019 6:32 AM GMT  |  ;लखनऊ

क्या आचार्य प्रमोद कृष्णम बिगाड़ सकते है राजनाथ का गणित?
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राज्य मुख्यालय लखनऊ। वैसे तो सियासत में ये कहना मुश्किल होता है कि कौन नेता क्या कर सकता है और कौन क्या नही और जब बात चुनाव की हो तो बात ही अलग होती है आयर्न लेडी इंदिरा गांधी को भी हार का सामना करना पड़ा था अगर लखनऊ में कांग्रेस के प्रत्याशी आचार्य चुनावी गणित बिठाने में कामयाब रहे तो ये संभव हो सकता है कि केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ लोकसभा सीट से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की विरासत को बचाने में नाकाम रहेंगे वैसे अभी तो ये कहना ठीक नही है लेकिन हालात धीरे-धीरे बदल रहे है जैसे शुरूआत में लग रहा था कि शायद कमज़ोर प्रत्याशी साबित होगे।


कांग्रेस के प्रत्याशी आचार्य प्रमोद कृष्णम पुराने सयासतदान हैं उर्दू के अच्छे शायर हैं नात और मन्क़बत लिखने में मशहूर हैं मुशायरों में भी शरीक होते रहे हैं इसके अलावा विगत वर्षों में TV और अन्य माध्यमों पर सेकुलरिज्म की लड़ाई भी लड़ते रहे हैं और संघी साधु संतों में मोर्चा लेते रहे हैं पुराने कांग्रेसी हैं तीस वर्ष पूर्व आचार्य पीसीसी में प्रवक्ता थे उस समय स्वं महाबीर प्रसाद प्रदेश अध्यक्ष हुआ करते थे तब उनके बाल काले थे और चेहरे पर दाढ़ी नहीं थी मूछ रखते थे तब वह आचार्य भी नहीं थे लखनऊ के लगभग 6 लाख मुस्लिम और इतने ही पंण्डित वोटर के अलावा हर जाति धर्म के सेक्युलर इन्साफ पसंद वोटर मिल के उनकी नैया पार लगा सकते हैं।


महागठबंधन की प्रत्याशी श्रीमती पूनम सिन्हा का राजनैतिक परिचय केवल यह है की वह पूर्व भाजपाई और मौजूदा कांग्रसी नेता शत्रुघन सिन्हा की पत्नी हैं इससे पहले उन्हें मुम्बई पटना लखनऊ या अन्य कहीं भी किसी पब्लिक लाइफ में देखा या सुना नहीं शत्रुघ्न सिन्हा का भी अजब किरदार है पटना साहब से वह कांग्रेस के प्रत्याशी हैं और लखनऊ में पतिधर्म निभाते हुए पूनम के नामांकन में आये यह भी गनीमत था यहां आकर उन्होंने मायावती या अखिलेश यादव को पीएम बनाने की बात की,निश्चय ही पटना साहब ,में राहुल के पीएम बनाने की बात की होगी उनके इस दोहरे किरदार के कारण बिहार के कांग्रेस जन उनसे बहुत नाराज़ है और उनका टिकट काटने के लिए बिहार पीसीसी के दफ्तर सदाक़त आश्रम पर धरना दे रहे हैं पूनम को लखनऊ के ढाई लाख के लगभग कायस्थ वोटों दो लाख के क़रीब दलित वोटों एक लाख से कम सिंधी वोटों और मुस्लिम वोटों का सहारा है हालांकि कायस्थ और सिंधी बीजेपी का पक्का वोटबैंक है इसमें केवल सजातीय होने के नाते पूनम कितनी सेंध लगा पाएंगी यह समझना मुश्किल है।


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