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सीएम योगी ने रचा इतिहास, जानते हो क्यों 1977 से कोई सरकार नहीं दिखा पाई हिम्मत ?

अब प्रदेश के महानगरों और बड़े जिलों में कमिश्नरी सिस्टम लागू होगा.

 Shiv Kumar Mishra |  13 Jan 2020 8:08 AM GMT  |  लखनऊ

सीएम योगी ने रचा इतिहास, जानते हो क्यों 1977 से कोई सरकार नहीं दिखा पाई हिम्मत ?
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उत्तरप्रदेश के दो शहरों में आज से पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू हो गया है. लखनऊ और नोयडा में कमिश्नरी सिस्टम लागू होते ही नए अधिकारीयों की नियुक्ति भी हो गई है. इसके बाद जो हिम्मत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिखाई है वो वाकई काबिले तारीफ है. इसके बाद अब यूपी के कई शहरों में जल्द यह तस्वीर नजर आएगी साथ ही महानगर के जिलों के लिए लालायित अधिकारीयों के एसएसपी बननें के मंसूबे अब ध्वस्त हो गए. अब सिर्फ सामान्य जिलों में ही एसपी और एसएसपी की हसरत से गुजारा करना होगा.

अगली सूची में सरकार तीन जिलों में जल्द ही ये सिस्टम लागू करेगी. जिनमे उम्मीद की जा रही है कि वाराणसी , कानपुर और गाजियाबाद जनपद होंगे. इसकी बात भी कैबिनेट की बैठक में लगभग तय हो चुकी है. सरकार पहले इस नए सिस्टम को दो जगह लागू करना चाहती है. ताकि उसके परिणाम भी नजर आये. अब पुलिस के अधिकारी सीधे जबाब देह बनाने की ये सरकार की नई पहल है.

जानिए आज सिस्टम की ख़ास बातें

• सीएम योगी ने रचा इतिहास-

• पुलिस महकमे के लिए उम्मीद से ज्यादा देने वाला फैसला

• सीएम योगी ने यूपी की आम जनता के हित में लिया ऐतिहासिक फैसला

• आम आदमी के लिए त्वरित न्याय, आम लोगों के दरवाजे पर ही होगा मुहैया

• लगातार बेहतर हो रही कानून व्यवस्था को और और बेहतर करने में योगी सरकार का बहुत बड़ा फैसला

• पिछले कई दशकों से यूपी में उठ रही थी पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की मांग

• धरमवीर कमीशन (तीसरे राष्ट्रीय पुलिस आयोग) ने 1977 भी की थी पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने की सिफारिश

• नौकरशाही के एक बड़े तबके और राजनीतिक आकाओं ने सालों से दबा रखी थी कमिश्नर सिस्टम की फाइल

• राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में यूपी में कभी नहीं लागू हो पाया कमिश्नर सिस्टम

• पूर्व में कोई भी मुख्यमंत्री नहीं कर पाए पुलिस कमिश्नर सिस्टम लागू करने का साहस

• सरकारें पुलिस को फ्री हैंड देने से डरती रहीं

• सीएम योगी ने दिखाई पालिटिकल विल यानी दृढ राजनीतिक इच्छाशक्ति

• राजनीतिक संरक्षण में अपराधियों, माफिय़ाओं व अपराध को बढावा देने वालों के दिन लदे

• नौकरशाही का एक बड़ा तबका भी करता रहा इस सिस्टम का विरोध

• सीएम योगी ने किया हर विरोध को दरकिनार और लागू किया त्वरित, पारदर्शी और जनहित के फैसले लेने वाला कमिश्नर सिस्टम

• पुलिस को पर्याप्त अधिकार के साथ पर्याप्त जवाबदेही वाला कानून लागू

• अब दंगाइयों, उपद्रवियों के बुरे दिन, बल प्रयोग के लिए पुलिस को नहीं करना पड़ेगा मजिस्ट्रेट का इंतजार

• अब जो दंगा करेगा, उपद्रव करेगा, आमजन और पुलिस पर हमला करेगा, सार्वजनिक संपत्तियों को बर्बाद करेगा, उससे सीधे निपटेगी पुलिस

• पुलिस में भी लागू हो गया सिंगल विंडो सिस्टम

• अब गुडों, माफियाओं, सफेदपोशों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए पुलिस को नहीं भटकना पड़ेगा मजिस्ट्रेटों के कार्यालयों में

• पुलिस को खुद होगा गुंडों, माफियाओं और सफेदपोशों को चिन्हित कर उनके खिलाफ त्वरित कार्रवाई का पूरा अधिकार

• अपराधियों, माफियाओं और सफेदपोशों के असलहों के लाइसेंस कैंसिल करने के लिए भी पुलिस के पास हुए सीधे अधिकार

• 151 और 107, 116 जैसी धाराओं में पुलिस को गिरफ्तार कर सीधे जेल भेजने का होगा अधिकार

• आमजन के हित के फैसलों में नौकरशाही का मकड़जाल खत्म

• तीसरे पुलिस कमीशन, धरमवीर कमीशन की सिफारिश के बाद पूर्व सीएम श्री राम नरेश यादव जी ने यूपी में कमिश्नर सिस्टम लागू किया था

• वासुदेव पंजानी को बनाया था कानपुर का पुलिस कमिश्नर, लेकिन उनके काम शुरू करने से पहले ही वापस ले लिया गया कमिश्नर सिस्टम का फैसला

• इसके बाद यूपी में कभी लागू नहीं हो पाया कमिश्नर सिस्टम

• इसी के बाद प्रदेश की नौकरशाही ने मान लिया था कि यूपी में कोई भी सरकार नहीं ले पाएगी ये क्रांतिकारी फैसला

• पर सीएम योगी ने तोड़ा मिथक

• देश के 15 राज्यों के 71 शहरों जिनमें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बंगलुरू, अहमदाबाद, राजकोट, बड़ौदा, हैदराबाद, त्रिवेंद्रम आदि शामिल हैं, वहां ये सिस्टम लागू है और बेहतर कार्य कर रहा है

• प्रशासनिक उत्कृष्टता के लिए ये कदम जरूरी था और योगी ने इस कर दिखाया

• कमिश्नर सिस्टम से बढेगी पुलिस की जवाबदेही, थाने स्तर पर आम लोगों की सुनवाई और बेहतर होगी, पुलिस की गड़बड़ी पर होगा अंकुश

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