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एसआईटी की जाँच से मिलेगा विवेक तिवारी को न्याय

 Special Coverage News |  23 Dec 2018 4:23 AM GMT

एसआईटी की जाँच से मिलेगा विवेक तिवारी को न्याय
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आखिर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक रात घटित बड़ी घटना में विवेक तिवारी की न्याय मिलता नजर आ रहा है. घटना के मुताबिक एक व्यक्ति अपनी जान गंवा बैठता है और सिर्फ यह घटना सिर्फ एक जिद के चलते घट जाती है. इस मामले को मीडिया में एक बड़ा स्थान मिल जाता है और फिर पूरा मामला पलट जाता. देखते ही देखते इस मामले को जानने के लिए लोग जिज्ञासु हो जाते हैं. जबकि मिडिया के सहयोग से पीडत पक्ष को न्याय की आशा दिखने लगती है. जबकि प्रसाशन उस दिन सुबह तक खामोश था. अब इस मामले में एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी है.

एसआईटी ने जांच रिपोर्ट में दाखिल हुई चार्ज सीट में लिखा है. एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी को सिपाही प्रशांत चौधरी ने आत्मरक्षा में नहीं बल्कि पूरे होशो हवास में गोली मारी थी पुलिस की एसआईटी जांच ने वारदात के 81 दिन बाद बुधवार को इसी आशय का आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल कर दिया. चार्ज शीट में दूसरे सिपाही संदीप कुमार को केवल मारपीट का दोषी बताया गया है. जब तत्कालीन गोमती नगर के सीईओ आईपीएस चक्रेश मिश्रा और गोमती नगर थाना प्रभारी डीपी तिवारी को भी इस मामले में दोषी पाया गया है. दोनों अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति करके रिपोर्ट डीजीपी को भेज दी गई है.

गिरा बायीं और जबकि चोट दायें पैर में

वारदात के बाद प्रशांत ने मीडिया के सामने कहा था कि विवेक की कार की जोरदार टक्कर से उसकी बाईक बाई तरफ गाड़ी के आगे गिरी. विवेक ने कार बैक की और बाइक पर चढ़ाने का प्रयास किया. इस पर वह कूदकर आगे आया और आत्मरक्षा में फायर कर दिया. लेकिन फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि प्रशांत के दाएं घुटने में मामूली सी चोट थी और ठीक उसी जगह पेंट के फटे होने से स्पष्ट हो गया कि वाइक कार के आगे बाई तरफ नहीं वल्कि दाएं तरफ गिरी थी. कार की टक्कर से बाइक में इतनी टूट फूट भी नहीं हुई थी. जितनी पुलिस को मौके पर दिखी थी.

सुजीत पांडे आईजी रेंज लखनऊ ने बताया कि फॉरेंसिक और टेक्निकल टीम के साथ एसआईटी ने हर बिंदुओं की गहनता से पड़ताल करने के बाद आरोप पत्र तैयार किया है. सिपाही को सख्त सजा दिलाने के लिए किस की मजबूती से पैरवी का निर्देश भी दिया गया है.

बाकायदा निशान लगा किया फायर

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रशिक्षण सुधार प्रशांत ने गिरने के बाद क्रोध में आकर पिस्टल निकाला बाकायदा सेफ्टी कैच हटाया क्या काक किया और जान से मारने की नियति से निशाना लगाकर फायर झोंक दिया. तकनीकी जांच में कार के बाये टायर की सीध से खड़े होकर ट्रायंगल पर गोली चलाना पाया गया. प्रशांत की लंबाई कार की ड्राइविंग सीट पर बैठे विवेक की ऊंचाई के मिलाने से पाया गया की पिस्टल का बैरल ढोड़ी के सीध में था.

सीट बेल्ट की वजह से खुला एयर बैग

रिपोर्ट में बताया गया के गोली लगने के बाद विवेक ने भागने का प्रयास किया लेकिन थोड़ी देर में वह अचेत होने लगा और घटनास्थल से 5 10 कदम आगे अंडरपास के पास कार एक पिलर से टकरा गई. सना और विवेक दोनों सीट बेल्ट लगाई थी. इस वजह से टक्कर होते ही एयर बैग खुल गया था. जांच में विवेक की सीट पर और सीट बेल्ट पर खून के धब्बे पाये गये. सीट बैल्ट बंधे होने से यह बात पुष्ट होती है कि कार खड़ी नहीं बलिक बेहद धीमी रफ्तार में चल रही थी. सामने बाइक खड़ी होने पर कुछ सेकंड के लिए ब्रेक लगाया और फिर सिपाहियों से खौफ खा कर भागने के लिए गाड़ी आगे बढ़ा दी.


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