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गौरव हत्याकांड में आशु जाट को पकड़ना बना बड़ा चैलेंज

 Shiv Kumar Mishra |  29 Jan 2020 9:19 AM GMT  |  नॉएडा

गौरव हत्याकांड में आशु जाट को पकड़ना बना बड़ा चैलेंज

हापुड़ पुलिस ने इस मामले में आशु की पत्नी व उमेश को किया था गिरफ्तार

• दिल्ली की गुड़ मंडी में दबिश के दौरान सिर्फ 50 रुपये लेकर निकला था आशु

• नोएडा पुलिस उसके नेटवर्क के साथ-साथ रिश्तेदारों पर भी रखे हुए है नजर

गौरव चंदेल हत्याकांड में गिरफ्तार उमेश के सहारे पुलिस आशु जाट तक पहुंची थी। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिये पुलिस को यह कामयाबी मिली थी। हालांकि वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया। ऐसे में उमेश और आशु की पत्नी पूनम की गिरफ्तारी के बाद आशु को पकड़ना नोएडा पुलिस के लिए बड़ा चैलेंज हो गया है।

गुड़गांव स्थित निजी कंपनी के रीजनल मैनेजर गौरव चंदेल की हत्या में नोएडा पुलिस अब तक खाक छानने के अलावा कुछ नहीं कर सकी है। गौरव की लूटी हुई सेल्टॉस कार को बरामद करने के लिए नोएडा पुलिस ने एड़ी चोटी का जोर लगाया था, लेकिन गाड़ी को गाजियाबाद पुलिस ने बरामद किया था। इसके बाद टियागो कार के सहारे हत्यारों तक पहुंचने की नोएडा पुलिस ने कोशिश की, लेकिन वहां से भी कुछ हासिल नहीं हो सका। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के सहारे आशु के ठिकाने को ट्रेस करने में कामयाबी तो मिली लेकिन यहां भी हापुड़ पुलिस ने बाजी मार ली। हापुड़ पुलिस ने आशु की पत्नी के साथ गौरव की हत्या में शामिल उमेश को गिरफ्तार कर केस का खुलासा किया था।

बता दें कि गौरव चंदेल की 6 जनवरी को गुड़गांव से ग्रेनो वेस्ट स्थित घर लौटते समय सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस दौरान उनकी सेल्टॉस गाड़ी लूट ले गए थे। इस वारदात में नोएडा पुलिस ने मिर्ची गैंग के सरगना आशु जाट को प्राइम सस्पेक्ट बताया था।

आशु के गैंग में 80 से अधिक बदमाश: आशु जाट लगातार अपने साथी बदलता रहता है। इस समय उसके गिरोह में करीब 80 से अधिक बदमाश हैं। उसका नेटवर्क गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्घ नगर, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत समेत दिल्ली में भी फैला हुआ है। गाजियाबाद के आसपास उसके रिश्तेदार रहते हैं। जिस समय आशु के ठिकाने पर हापुड़ पुलिस ने दिल्ली की गुड़ मंडी में दबिश दी थी, उस समय आशु सिर्फ 50 रुपये लेकर घर से निकला था। लिहाजा पुलिस को अंदेशा है कि वह ज्यादा दिन तक अकेला नहीं रह पाएगा। ऐसे में पुलिस उसके नेटवर्क के साथ ही रिश्तेदारों पर भी नजर रख रही है।

पिछले साल ही जेल से छूटा था आशु: बीते साल 25 जनवरी को आशु जेल से छूटा था। इस साल 25 जनवरी को उसके ठिकाने तक पहुंचकर भी पुलिस आशु को पकड़ने में चूक गई।

कैब में बैठाकर लूट में तो नहीं आशु का हाथ!

सेक्टर-137 से कैब लेकर एयरपोर्ट जा रहे अंकुर चौहान को बंधक बनाकर की गई लूट में कहीं मिर्ची गैंग का हाथ तो हो, पुलिस इस एंगल से भी मामले की जांच कर रही है। बता दें कि तुर्की में काम करने वाले अंकुर चौहान को कैब चालक ने टाइलट करने के बहाने नीचे उतरकर 2 बदमाश गाड़ी में बैठा लिए थे। उन बदमाशों ने अंकुर से 1500 यूएस डॉलर, सोने की चेन और एक हजार रुपये लूट लिए थे। इसके बाद डेबिट कार्ड का पिन पूछकर बदमाशों ने एटीएम से 50 हजार रुपये भी निकलवा लिए थे। इस मामले में फेज-2 पुलिस एटीएम की सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की जानकारी जुटा रही है।


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