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एसएसपी वैभव कृष्ण प्रकरण में मुख्यमंत्री गंभीर, अपर मुख्य सचिव गृह से मांगी रिपोर्ट

एसएसपी वैभव कृष्ण प्रकरण में मुख्यमंत्री गंभीर, अपर मुख्य सचिव गृह से मांगी रिपोर्ट
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धीरेन्द्र अवाना

नोएडा। भ्रष्टाचार और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई को लेकर चर्चा में रहने वाले गौतमबुद्धनगर के तेज तर्रार एसएसपी वैभव कृष्ण के सोशल मीडिया पर वायरल हुये तीन कथित वीडियो के मामले ने तूल पकड़ना शुरु कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी ईमानदार व स्वच्छ छवि के अधिकारी वैभव कृष्ण के ऊपर लगे आरोपों से बेहद नाराज है। इसी को ध्यान में रख कर मेरठ में एक प्रेस वार्ता डीजीपी ओपी सिंह कर रहे है।

अब ये मामला एक जिले का ना होकर प्रदेश का हो गया है। आपको बता दे कि एक माह पूर्व एसएसपी वैभव कृष्ण के द्वारा एक संवेदनशील रिपोर्ट शासन को भेजी थी। जिस में एक संगठित गिरोह के बारे में अवगत कराया गया है। जो गौतमबुद्ध नगर और अन्य जनपदों में ठेके दिलवाने,तबादला कराने तथा अपराधिक कृत्य कराने का गिरोह चला रहे है।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुये मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी से रिपोर्ट तलब की है। एसएसपी के द्वारा अपर मुख्य सचिव गृह और डीजीपी को भेजे जाने के दावे के साथ जो पत्र सार्वजनिक किए हैं उसकी वजह से लखनऊ तक सनसनी फैल गयी है।

सूत्रों की माने तो इस मामले में उचित कारवाई ना होने पर अब शासन स्तर के कई अधिकारी सवालों के घेरे में हैं।

गौतमबुद्धनगर में आइटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे की विवेचना में सहयोग के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया है। साइबर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआरटी) की जिस रिपोर्ट को आधार बनाकर एसएसपी ने पांच आईपीएस अफसरों पर संगीन आरोप लगाए हैं,उसने आईपीएस लॉबी में हलचल पैदा कर दी है। मोबाइल फोन की जांच के आधार पर बनाई गई इस रिपोर्ट पर कार्रवाई की गई तो लखनऊ से लेकर नोएडा तक कई अधिकारी फंस सकते है।

आपको बता दे कि सीईआरटी की रिपोर्ट पिछले साल गिरफ्तार चार कथित पत्रकारों के मोबाइल की जांच के आधार पर तैयार की गई थी। जिसे एसएसपी ने पुलिस महानिदेशक और अपर मुख्य सचिव गृह को भेजा गया था।

आइजी कानून-व्यवस्था प्रवीण कुमार त्रिपाठी का कहना है कि प्रथम दृष्टया वायरल वीडियो फर्जी प्रतीत हो रहा है। प्रकरण में गौतमबुद्धनगर में दर्ज कराई गई एफआइआर की जांच एसपी हापुड़ संजीव सुमन को सौंपी गई है।

Shiv Kumar Mishra
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