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नोएडा में पत्रकारों के पांच दिन के रिमांड के बाद डीएम और एसएसपी ने दी अहम जानकारी

 Special Coverage News |  1 Sep 2019 7:10 AM GMT  |  नोएडा

नोएडा में पत्रकारों के पांच दिन के रिमांड के बाद डीएम और एसएसपी ने दी अहम जानकारी
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धीरेन्द्र अवाना

नोएडा। एसएसपी वैभव कृष्ण के कुशल नेतृव्य में पुलिस को मिली बड़ी सफलता। कुछ दिन पूर्व पाँच तथा कथित पत्रकारों के खिलाफ थाना बीटा-2 ग्रेटर नोएडा में कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। उक्त मामले मे सुशील पंडित,उदित गोयल,चंदन राय व नितीश पांडेय को गिरफ्तार किया जा चुका है। जबकि अभियुक्त रमन ठाकुर फरार चल रहा है। जिसके ऊपर 25 हजार रूपये का इनाम घोषित किया गया है।

गैंगस्टर एक्ट में गिरफ्तार हुये 4 पत्रकारों को 5 दिनों की रिमांड पूरी होने के बाद डीएम व एसएसपी ने संयुक्त प्रेस वार्ता की।डीएम बीएन सिंह ने मिडिया के कार्यों की सरहाना करते हुये कहा कि विषम परिस्थियो में मीडिया ने अपनी जिम्मेवारी बखुबी निभायी है जो काबिले तारीफ है।वही एसएसपी ने बताया कि अभियुक्तगणों के विरूद्ध कई साक्ष्य संज्ञान मे आये हैं।

(1)अभियुक्त नितीश पांडेय policenewsup.com पोर्टल का संचालन करता है। इस पोर्टल का डोमेन सिद्वार्थ दूबे पुत्र रविन्द्र दूबे के नाम से पंजीकृत है। सिद्वार्थ नितीश का रिश्ते में भाई लगता है।इस पोर्टल का कार्यालय लखनऊ मे है।अभियुक्त भी इसी मकान में रहता है। लखनऊ का उपरोक्त मकान भी सिद्वार्थ दूबे व उसके भाई विक्रान्त दूबे का ही है। सिद्वार्थ और विक्रान्त ने वर्ष 2011, 2012 व 2013 में नोएडा के ग्राम गढी चौखंडी मे पाँच रजिस्ट्री के माध्यम से अपनी पत्नियों अनीता व ज्योत्सना दूबे के नाम से 1000 वर्ग मीटर का एक प्लॉट खरीदा था जिसको नोएडा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2006 में द्वारा अधिग्रहित किया जा चुका है। जिसपर रविन्द्र दूबे ने अपना अवैध कब्जा कर रखा था।जिसके खिलाफ नोएडा प्राधिकरण ने मई 2019 मे जमीन कब्जाने एक मुकदमा दर्ज करवाया जिसमें सिद्वार्थ के पिता रविन्द्र दूबे को आरोपी बनाया गया। नीतीश पांडेय ने एसएसपी वैभव कृष्ण से 27 जून 2019 को रविन्द्र दूबे का नाम मुकदमे से निकलवाने का अनुरोध किया परन्तु एसएसपी नोएडा नें मदद करने से साफ मना कर दिया था।

(2)वर्ष 2018 मे नितीश पांडेय ने चंदन राय के साथ मिलकर ग्राम गढी चौखंडी के खसरा नंबर 17 मे ग्राम गढी निवासी रामनिवास को कब्जे से बेदखल कर रविन्द्र दूबे को कब्जा दिलवाया था जिसमें स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है जोकि जाॅच का विषय है।

( 3)अभियुक्त सुशील पंडित, रमन व उदित गोयल द्वारा 30 जनवरी 2019 को तत्कालीन थाना सैक्टर 20 प्रभारी निरीक्षक मनोज पंत को काॅल सेन्टर से सम्बन्धित मुकदमें मे अभियुक्त का नाम निकालने के लिए उत्प्रेरित किया गया और इस कार्य के एवज में अभियुक्त से कुल आठ लाख रूपये प्राप्त कर,75 प्रतिशत भाग अर्थात 6 लाख रूपये स्वयं हड़प लिये गये।इस सम्बन्ध में इन तीनों के विरूद्ध थाना सैक्टर 20 पर मुकदमा तहत पंजीकृत किया गया है।जब ये जमानत पर छूटे तो अपने आप को हाईकोर्ट इलाहाबाद मे एजीए बताने वाले एक वकील डी के पाठक नें इन्हे सलाह दी थी कि तुम लोग एसएसपी नोएडा के खिलाफ इतना दुष्प्रचार करो कि वो तुम्हारे आगे झुक जाये और मुकदमे की पैरवी करना बंद कर दें। जिससे तुम्हारा केस खत्म हो जायेगा। डी के पाठक हाइकोर्ट आने वाले वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फोटो खिचवाकर उनका प्रयोग अपना प्रभाव बनाने के लिये करता था।

(4)अभियुक्त चंदन राय स्वंय को मीडियाकर्मी बताकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ फोटो खिचवाकर अपने अन्य सहयोगी राजेश राय व रोहित शर्मा के साथ मिलकर आम लोगों के विभिन्न काम जैसे- लाईसेंस बनवाने, राजनैतिक नियुक्तियाॅ करवाने आदि व पुलिस विभाग मे ट्रांसफर/पोस्टिंग के नाम पर अवैध रूप से पैसे वसूली करता था।एसएसपी नोएडा के आने के बाद से अभियुक्त की जिले से होने वाली आय बंद हो गयी।

(5)पर उक्त अभियुक्तो के मोबाईल फोन के व्हाटसऐप चेट/मैसेज/आॅडियो रिकाॅर्डिंग की जाँच से यह पता चला कि इनके द्वारा एक-दूसरे को फर्जी खबरे शेयर करके दुष्प्रचार किया गया है।जिस प्रकार उपनिरीक्षक सुनील शर्मा की गिरफ्तारी से जुड़ा एक विडियो नितीश को भेजकर यह लिखा गया और कहा कि इस पर खबर चला-चला कर धुआॅ उडा दो जिससे एसएसपी की बदनामी हो।

(6)अभियुक्त चंदन राय के फोन में आॅडियो रिकार्डिंग मिली जिसमें वह अपने सहयोगी दलाल रोहित को स्पा सेन्टर पर एलआईयू अधिकारी के रूप में जाकर अवैध रूप से धन उगाही की वार्ता कर रहा है।नोएडा व गाजियाबाद के कई निरीक्षकों व उपनिरीक्षकों से पोस्टिंग के नाम पर पैसे लेने के सम्बन्ध मे आॅडियो रिकाॅर्डिंग उपलब्ध है जिसके सम्बन्ध मे जाॅच की जा रही है।पुलिस कर्मियों के ट्रांसफर पोस्टिंग में अवैध धन लाभ अर्जित करने के आरोप में बुलन्दशहर के थाना कोतवाली पर एक मुकदमा पंजीकृत है जिसकी विवेचना में भी चंदन राय को 2 बार नोटिस दिया गया परन्तु चंदन राय उपस्थित नही हुआ। । आॅडियो रिकाॅर्डिंग में यह भी पाया गया है कि अभियुक्तगण विभिन्न थानों से अनैतिक रुप से अर्जित धन की आपस में तुलना कर रहे है।

(7)चंदन राय द्वारा गाजियाबाद निवासी हितेश त्यागी को गाजियाबाद प्राधिकरण मे मनोनीत पार्षद नियुक्त करवाने के नाम पर 6 लाख रूपये की ठगी की गयी।अभियुक्त चंदन राय द्वारा गाजियाबाद में स्थित एक मकान पर अवैध रूप से कब्जा किया गया जिसमें अभियुक्त पुलिस मीडिया नाम से एक न्यूज पोर्टल संचालित कर रहा था।इसी मकान पर अभियुक्त ने गाजियाबाद मे आवास आवंटन मे लाॅटरी मे नाम निकलवाने के नाम पर लगभग 11 लाख रूपये की ठगी।

(8)अभियुक्त चंदन राय द्वारा भोजपुरी गायक भरत शर्मा को सस्ते मे इनोवा गाडी दिलाने के नाम पर लगभग 6 लाख ठगी करने के साक्ष्य उपलब्ध है जिसमे कुछ पैसे वापस भी किये गये है।

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