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सरकारी कंपनी को 1 करोड 66.5 लाख रूपये की चपत लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश,कब्जे से 78,77,540 रूपये नगद /डीडी बरामद

 Sujeet Kumar Gupta |  20 Feb 2020 5:25 AM GMT  |  नई दिल्ली

सरकारी कंपनी को 1 करोड 66.5 लाख रूपये की चपत लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश,कब्जे से 78,77,540 रूपये नगद /डीडी बरामद
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(धीरेन्द्र अवाना)

नोएडा।अपराध व अपराधियों पर अंकुश लगाने वाली नोएडा पुलिस ने उस वक्त एक बड़ी सफलता मिली जब सरकारी कंपनी को 1 करोड 66.5 लाख रूपये की चपत लगाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया।आपको बता दे कि दिनांक 19.02.2020 को थाना सैक्टर-49 पुलिस द्वारा मुकदमा पंजीकृत किया गया था।इसका सफल अनारण करते हुए थाना सैक्टर-49 पुलिस के आठ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

आरोपितों की पहचान सचिन कुमार पुत्र स्व0 सीताराम सिंह निवासी जगदीशपुर मुजफ्फरपुर (बिहार),विशाल शर्मा पुत्र त्रिदेवरंजन शर्मा निवासी बीटीटीआई स्टाफ कालौनी सीरी रोड पिलानी जिला झुनझुन (राजस्थान),मनीष कुमार पुत्र विजय सिंह निवासी कोलाम्बा थाना हरनौत नालन्दा (बिहार), अंकुर भास्कर पुत्र जयप्रकाश भास्कर निवासी 181 सराय मेहर सिंह थाना खुर्जा बुलन्दशहर, करन सिह पुत्र स्व0 रामफल निवासी ज्याडू थाना कटोहर अलवर (राजस्थान),जय सुभाष विशकर्मा पुत्र जगरूप प्रसाद निवास ररंगोली थाना बघेरू बाॅदा, यतेन्द्र चैधरी पुत्र योगराज निवासी सेंथली थाना जारचा गौतमबुद्धनगर और ब्रजेश कुमार पुत्र हरीश चन्द्र निवासी बापूनगर थाना माधव गंज हरदोई के रूप में हुयी।

जबकि एक अभियुक्त आनन्द कुमार गौतम पुत्र ओमप्रकाश निवासी 323 जातेपुर साउथ धर्मशाला बाजार गोरखपुर वांछित चल रहा है। जिनके कब्जे से 12,05,000/- रूपये नगद, डिमान्ड ड्राफ्ट 10,22,540 रूपये के,अभियुक्तों के बैंक खातों में 15,00,000/-सीज,अभियुक्तों के द्वारा खरीदी प्रापर्टी कीमत करीब 45 लाख की सीज की, तीन अदद फर्जी मोहरें मय स्टाम्प पैड और एक मोबाइल फोन बरामद हुये।पुलिस पुछताछ में अभियुक्त सचिन ने बताया कि करीब 15 वर्ष पूर्व वह खोडा बिजली घर पर संविदा कर्मचारी के रूप में बिजली के बिलों के जमा का कार्य करता था।जहाॅ से वर्ष 2010 में नौकरी छोडकर अपनी जगह जय सुभाष को नौकरी पर लगवा दिया ओर अपने आप प्रापर्टी का कार्य करने लगा,वर्ष 2019 में सचिन की मुलाकात करन से हुई करन जो पूर्व में बिजली विभाग में मीटर लैब में कार्य करता था।

सचिन,करन एवं सुभाष ने मिलकर योजना बनाई कि जोडी डी बिजली घर से बैंक में जमा होने जाती हैं उनमें बडी रकम की डीडी निकाल कर उन्हें दूसरे खाते में कैश कर लें और उनके स्थान पर कम धनराशि की डीडी बनावाकर उनकी गिनती पूरी कर देगें।इस योजना के अनुसार करन ने मनीष (जो रिलाॅइवल डाटा कम्पनी में कार्यरत है जो विभिन्न बिजलीघरों से डीडी एवं चैक एकत्र कर बैंक में जमा करता था) से मुलाकात की ओर पूरी योजना उसे बताई और जिस पर मनीष उनके साथ मिल गया।

सचिन जो पूर्व में बिजली घर के गिल पंजाब नेशनल बैंक सैक्टर-11 नोएडा में जमा करता था जहाॅ उसकी दोस्ती आनन्द गौतम से थी सचिन ने उसे भी अपने साथ जोड कर बैक में फर्जी खाता खोलने के लिए आनन्द ने अपने दोस्त अंकुर भास्कर डिप्टी मैनेजर पंजाब नेशनल बैंक शाखा पल्ला झाल खुर्जा बुलन्दशहर से सम्पर्क किया और खाता खोलने को तैयार किया।सचिन ने रफीक शेख पुत्र हीरेश शेख निवासी अगौरा अमीरपुर थाना खुर्जा देहात बुलन्दशहर के नाम का फर्जी आधार कार्ड ब्रजेश से तैयार कराकर योजनानुसार करन, सचिन,जयसुभाष एवं मनीष सभी आनन्द गौतम के पास उसके बैंक पीएनबी शाखा जो खाबाद बुलन्दशहर पहुॅचे वहाॅ से सभी अंकुर भास्कर के पास पीएनबी बैंक पल्ला झाल बुलन्दशहर पहुॅचें जहाॅ अंकुर भास्कर ने रफीक शेख की तरफ से दिनाॅक 15.02.2019 को फर्जी फर्म के नाम खाता खोलकर उसकी मल्टी चैक बुक सचिन को दे दी थी।

योजना के अनुसार मनीष ने पी0वी0वी0एन0एल0 से बैंक को जाने वाली डीडी के बंडल में से बडी धनराशि की डीडी निकालकर, सचिन एवं जय सुभाष को देनी शुरू कर दी। पी0वी0वी0एन0एल0 की स्टाम्प को रिमूव कर फर्जी खाते की स्टाम्प लगाकर पीएनबी बैंक सैक्टर-12 में जमा कर देते थे और बाद में अंकुर भास्कर के द्वारा पीएनबी पल्लाझाल बुलन्दशहर में खोले गये फर्जी खाते से धनराशि निकाल लेते थे ओर आपस में बाॅट लेते थें। सचिन ने डीडी बनवाने एवं जमा करने के विशाल एवं यतेन्द्र चैधरी को सम्मलित किया जिनको सचिन पूर्व से ही जानता था। विशाल के द्वारा अपने बैंक खाते से भी कई डीडी बनवायी गई हैं।


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