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नोएडा पुलिस ने बाइक बोट घोटाले के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार

 Special Coverage News |  6 Aug 2019 2:47 AM GMT  |  नोएडा

नोएडा पुलिस ने बाइक बोट घोटाले के तीन आरोपियों को किया गिरफ्तार
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धीरेन्द्र अवाना

नोएडा। जिले में बाइक बोट की पोंजी स्कीम की जांच में लगातार नई परतें खुल रही हैं।घोटाले में पुलिस ने तीन और आरोपितों को हरीश,विशाल और राजेश को गिरफ्तार कर कामयाबी हासिल की है।तीनों कंपनी में अहम भूमिका निभाते थे।ये लोग लोगों को कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित करते थे।आपको ज्ञात होगा कि बाइक बोट घोटाले में 2 लाख से अधिक लोगों के अरबों रुपये निवेश कराए गए।कम्पनी द्वारा आमजन के साथ किये गये फर्जीवाड़े के डायरेक्टरों को ढूंढकर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।ये लोग एसआईटी द्वारा बाईक बोट घोटाले में पंजीकृत करीब 46 मुकदमों में की जा रही विवेचना में करीब दो माह से वांछित चल रहे हैं।

आपको बता दे कि पकड़े गये पहले आरोपी डायरेक्टर राजेश सिंह यादव पुत्र रामसिंह यादव निवासी जालंधर पंजाब को थाना फेस-3 की विशेष टीम द्वारा होटर दौराहा लुधियाना पंजाब से गिरफ्तार किया गया।पुलिस पूछताछ में अभियुक्त राजेश सिह यादव ने बताया गया कि वह पूर्व में आयुर्वेदिक मेडीसिन डिस्ट्रीब्यूशन का कार्य करता था तथा वर्ष 2017 से गर्वित इनोवेटिव प्रमोटरर्स लिमिटेड बाईक बोट में कार्य कर रहा हैतथा वह कम्पनी में एडीशनल डायरेक्टर के पद पर भी कार्यरत रहा है तथा उसे कम्पनी से 35 से 40 लाख रुपये की कमीशन मिल चुकी है।इस टीम की चर्चित जोड़ी उप निरीक्षक वरण पंवार व मानसिंह के कोशिश से ही ये मुमकिन हो पाया है।इससे पहले भी इस जोड़ी ने कई वाछिंत अपराधियों को पकड़ कर जेल भेजा है।

वही दूसरी ओर सुरजपुर थाना पुलिस ने दूसरे बाईक बोट घोटाले के वांछित एडीशनल डायरेक्टर विशाल कुमार पुत्र गजराज सिंह निवासी मवाना मेरठ ने पुलिस पूछताछ में बताया गया कि वह पूर्व में आयुर्वेदिक कम्पनी आईएमसी में मेडीसिन डिस्ट्रीब्यूशन का कार्य करता था। तथा वर्ष 2017 से गर्वित इनोवेटिव प्रमोटरर्स लिमिटेड बाईक बोट में कार्य कर रहा है। वह करीब 30 लाख रुपये की कमीशन कम्पनी से ले चुके है।कम्पनी द्वारा उसे एक टाटा नेक्सान कार भी दी गयी।उपरोक्त अभियुक्तों द्वारा कम्पनी में उसका कार्य निवेशकों को स्कीम बताकर प्रलोभित कर निवेष कराने का था।अभियुक्त द्वारा हजारो निवेशकों को फर्जी तरीके से कम्पनी का मैमोरेन्डम बताकर झूठे लाभ का आश्वासन देते हुए अधिक से अधिक निवेश कराया गया है।

वही थाना फेस-2 पुलिस ने तीसरे वांछित एडीशनल डायरेक्टर हरीष कुमार पुत्र हरमेश सिंह राणा निवासी जालंधर पंजाब को गिरफ्तार किया हैं।पुलिस की पूछताछ में अभियुक्त हरीश कुमार ने बताया गया कि वह पूर्व में आर्मी में हवलदार के पद पर नियुक्त था अप्रेल 2017 में रिटार्यड होने के बाद अगस्त 2017 से गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड बाईक बोट में कार्य कर रहा है। उसे कम्पनी से करीब 15 से 20 लाख रुपये की कमीशन मिल चुकी है।

आपको ज्ञात होगा कि उक्त कम्पनी द्वारा एक फर्जी स्कीम बाईक बोट नाम से बनाई गयी। जिसके अन्तर्गत एक टैक्सी बाईक के लिए कुल 62,100 हजार रूपये निवेश करना होता था। जिसके बदले कम्पनी एक सुनिश्चितत रकम प्रतिमाह निवेशक को देने का वायदा करती थी। इस स्कीम को लोगों तक पहुंचाने के लिए कम्पनी द्वारा इन्टरनैट,पम्पलेट्स का सहयोग लिया गया। इसी के साथ निवेशकों को भी प्रोत्साहन के रूप में अतिरिक्त धनराशि का लालच देकर अन्य लोगों को जोडने के लिए प्रेरित किया गया।उक्त कम्पनी द्वारा कई राज्यों में अपनी फ्रेन्चाईजी भी खुलवाई गयी है।

एसआईटी द्वारा अभी तक आठ अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी है। जिसमें एक अभियुक्त द्वारा कोर्ट में आत्मसमर्पण किया गया है।अभी तक गिरफ्तारी के लिये शेष वांछित सभी 12 अभियुक्तगणों पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौतमबुद्धनगर द्वारा 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।इस प्रकरण में अब तक विवेचना से 18 बैंक खाते फ्रीज करायें गये है।जिसमें विभिन्न कम्पनीयों व व्यक्तियों से लगभग 3 से 4 हजार करोड़ का ट्रान्जेक्शन होना पाया गया है। इस प्रकार अभी तक इस प्रकरण में एसआईटी द्वारा कम्पनी के नाम पर पंजीकृत तकरीबन 8.75 करोड कीमत के वाहनों का जब्तीकरण किया गया है।गिरफ्तार अभियुक्त शातिर किस्म के ठग हैं। जिनके विरुद्ध पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर जेल भेज दिया है।

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