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हमारा कर्तव्य संस्था द्वारा बांटी गयी स्लम बस्तियों मे सैनिटरी नैपकिन

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धीरेन्द्र अवाना

नोएडा। संस्था की अध्यक्षा नीशू मिश्रा ने माहवारी को लेकर लोगों को जागरूक किया और कहा कि "मासिक-चक्र (पीरियड्स) एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो एक महिला के शरीर के अंदर होती है और मानव चक्र की निरंतरता के लिए जिम्मेदार होती है, जो आजकल भी महिलाओं के लिए एक शर्म की बात है।

पीरियड्स के बारे में बात करना, या पीरियड्स से जुड़े तथ्यों के बारे में चर्चा करना एक शर्मनाक और साहसिक कार्य माना जाता है।"इस युग में, जब महिलाएं अपने मासिक चक्र को सहन करने के लिए बहुत सारे तरीके अपनाती हैं,तब भी कुछ महिलाएं ऐसी होती हैं,जो कई गंभीर बीमारियों से जूझ रही होती हैं, क्योंकि वे सैनिटरी नैपकिन उपयोग नहीं कराती हैं। कुछ महिलाएं हाइजेनिक पैड का उपयोग करने के बजाय,अभी भी धन की कमी के कारण गंदे कपड़ों का चयन कर रही हैं।

इस अवसर पर संयोजक मनोज कटारिया, संस्थापक दिनेश पांडेय,शीबा अंसारी,डॉ भारती, अभिषेक पोरवाल, लतिशा, राहुल पांडेय, नवल कुराई, देवांशी, महक, नवनीत कौर और अन्य सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस जागरूकता को फैलाने और सैनिटरी नैपकिन की एक निश्चित मात्रा को वितरित करने के लिए, हमारा कर्तव्य की टीम ने इस स्लम क्षेत्र का दौरा किया और वहां की महिलाओं को मासिक धर्म चक्र के बारे में शिक्षित किया।यह वास्तव में एक साहसिक और एक अनिवार्य कदम था।इस तरह के सामाजिक मुद्दों को उठाने तथा नागरिकों में जागरूकता पैदा करने के लिए हमारा कर्तव्य हमेशा तत्पर हैं।

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