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मुथूट फिनकार्प लिमिटेड के मैनेजर की हत्या का खुलासा, ममेरे भाई ने ही लूट के इरादे से भाई को मार डाला

 Special Coverage News |  8 Oct 2019 2:17 PM GMT  |  नोएडा

मुथूट फिनकार्प लिमिटेड के मैनेजर की हत्या का खुलासा, ममेरे भाई ने ही लूट के इरादे से भाई को मार डाला
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धीरेन्द्र अवाना

नोएडा। जिले में अपराध पर अकुंश लगाने के लिए तत्पर तेज तर्रार एसएसपी वैभव कृष्ण के कुशल नेत्रत्व में पुलिस को मिली बड़ी सफलता।पूर्व में मुथुट फाइनेंस कंपनी के मैनेजर की हत्या के मामले में बादलपुर पुलिस ने किया चौंकाने वाला खुलासा। लूट में नाकाम होने पर अभियुक्त ने अपनी ही बुआ के लड़के की गोली मारकर की हत्या। एसएससी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया खुलासा।मुथूट फाइनेंस कंपनी के मैनेजर की गोली मारकर लूट के इरादे से हत्या के मामले में दो युवकों को बादलपुर पुलिस ने किया।

गिरफ्तार मुथूट फाइनेंस कंपनी गोल्ड के बदले पैसा देती है। फाइनेंसर से चाभी लूटकर फाइनेंस कंपनी से चोरी करनी थी। गोल्ड की लूट लूट में नाकाम होने पर तमंचे से गोली मारकर फाइनेंसर की हत्या की थी । अभियुक्तों की पहचान परविन्दर निवासी युसुफपुर गाजियाबाद और चमनलाल निवासी युसुफपुर गाजियाबाद के रुप में पहचान हुयी है। जबकि दो अन्य अभियुक्त दीपक और सुनील निवासी युसुफपुर अभी फरार चल रहे है।जिनके कब्जे से एक तमंचा,दो जिंदा कारतूस,एक पहचान पत्र और फाइनेन्स कार्ड बरामद हुये।

आपको बता दे कि पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार हो रही चैकिंग के दौरान थाना बादलपुर पुलिस ने मारीपत स्टेशन के पास से हत्या के वांछित दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।पूछताछ में दोनों अभियुक्तो ने बताया कि मृतक आजाद मुथुट फाइनेंस शाखा गाजियाबाद का मैनेजर था।

एसएसपी ने बताया कि जिसके पास फाइनेन्स शाखा मे रखे गोल्ड की चाबी रहती थी। मृतक आजाद अभियुक्त परविन्दर की बुआ का लडका था व उसने अभियुक्त परविन्दर को काफी समय पूर्व 10 हजार रूपये उधार दे रखे थे।जरूरत पड़ने पर मृतक बार-बार पैसो की मांग कर रहा था। इसके तंग आकर अभियुक्त परविन्दर ने अपने दोस्त चमनलाल,दीपक और सुनील के साथ मिलकर आजाद को जान से मारने की योजना बनाई। इस योजना में परविन्दर और चमनलाल ने मृतक आजाद को पैसे देने का वादा करके ग्राम उसकी मोटर साईकिल पर बैठकर कल्दा ले जाने का बहाना बनाया।बीच रास्ते में सभी ने शराब पी। उसके बाद शाखा मे रखे गोल्ड को लूटने के उद्देश्य से मृतक आजाद को गुमराह कर वहा की चाबी ले ली।

उन्होंने बताया कि मृतक आजाद व परविन्दर को शराब पीता छोड़कर अभियुक्त चमनलाल व सुनील दीपक की स्कारपियो से शाखा गाजियाबाद पहुँचे,जहाँ गोल्ड लूटने के उद्देश्य से चाबी से शाखा का ताला खोलने का प्रयास किया परन्तु शाखा का ताला न खुलने पर ये लोग वापस परविन्दर व आजाद के पास पहुँचे। यहा पहुच कर दोनों ने परविन्दर को ताला न खुलने की में बात बताई। जिसका पता मृतक आजाद को चल गया। मृतक ने इन लोगो का विरोध कर पुलिस को इसकी सूचना देने की बात कही जिससे सभी अभियुक्तों को भेद खुलने का डर सताने लगा।सभी ने एक राय करके तमन्चा से गोली मारकर आजाद की हत्या कर दी।उसके शव को ग्राम कल्दा नहर पुलिया के पास डाल दिया। मृतक के पास मौजूद समान बैग व चाबी इन लोगो रास्ते में फेक दिया गया तथा मोटर साईकिल ग्राम दुहाई के रास्ते पर खड़ी करके सभी अपने-अपने घर चले गये थे।पुलिस ने पकड़े सभी अभियुक्तों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और फरार अभियुक्तों की तलाश की जा रही है।

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