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भ्रष्टाचार के खिलाफ SSP वैभव कृष्ण का फिर चला चक्र, एक आबकारी सिपाही रिश्वत लेते गिरफ्तार

जनवरी से नोएडा की कमान संभाली है. उसके बाद जनवरी में ही एक बड़ी घटना का खुलासा करते हुए एक थाना प्रभारी समेत तीन पत्रकार रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करके जेल भेज दिए.

 Special Coverage News |  2 Feb 2019 1:26 PM GMT  |  नोएडा

भ्रष्टाचार के खिलाफ SSP वैभव कृष्ण का फिर चला चक्र, एक आबकारी सिपाही रिश्वत लेते गिरफ्तार
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Vaibhav Krishna, IPS (SSP/GBN)

प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ हमेशा सख्त खड़े रहने की आदत रखने वाले आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण का चक्र अभी नोएडा में चल रहा है. अभी बीते तीन दिन पहले एक एसएचओ समेत तीन पत्रकार रंगे हाथों दबोच कर जेल भेजे थे. अभी अभी मिल रही जानकारी के अनुसार शनिवार देर शाम एक आबकारी सिपाही को भी रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ने की सुचना सामने आई है.


मिली जानकारी के मुताबिक़ एक व्यक्ति शराब की पेटी दिल्ली से लेकर आ रहा था. जिसे आबकारी पुलिस की टीम ने पकड़ लिया. फिर पंद्रह हजार रुपये और शराब की बोतले रिश्वत लेकर व्यक्ति को छोड़ा गया. इस ममाले की सूचना कंट्रोल रूम को देने पर आबकारी सिपाही गिरफ्तार कर लिया गया. उसके कब्जे से पन्द्रह हजार नकद रुपया बरामद हुआ है. रवि प्रताप के विरुद्ध उक्त प्रकरण में थाना से0 20 नोएडा पर रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है.


एसएसपी वैभव कृष्ण एक ईमानदार अधिकारी के रूप में जाने जाते है. बीजेपी सरकार बनने के बाद जब इनकी तैनाती निवर्तमान मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ग्रह जनपद इटावा में की गई थी. चूँकि सीएम का जिला रहा था और सरकार के नजदीकी लोंगों ने आरटीओ ऑफिस को दलाली का अड्डा बना रखा था. एसएसपी इटावा की नियुक्ति के दौरान वहां से कई लोंगों के इस गिरोह का पर्दाफास करके जेल भेजा था. जिस दिन यह कार्यवाही चल रही थी उसी दिन उनका तबादला प्रदेश के जिले गाजियाबाद में किया गया था.


चूँकि उस समय गाजियाबाद में खोड़ा थाने में शराब को लेकर एक बड़ी घटना हुई थी. तो मुख्यमंत्री ने इन ईमानदार अधिकारी के हाथ में कमान देकर गाजियाबाद में अपराध पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी सौंपी. गाजियाबाद जिले का चार्ज लेते है सबसे पहले पश्चिमी यूपी के सरिया गेंग की कमर तोड़ दी और तीन दर्जन ट्रक और लाखों रूपये की सरिया भी बरामद कर ली जबकि उस इलाके के थाना प्रभारी को भी नहीं पता चला. उस दौरान उन्होंने दो तीन थाना प्रभारी भी सस्पेंड किये थे.


अब जनवरी से नोएडा की कमान संभाली है. उसके बाद जनवरी में ही एक बड़ी घटना का खुलासा करते हुए एक थाना प्रभारी समेत तीन पत्रकार रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार करके जेल भेज दिए. अब आज फिर एक सिपाही गिरफ्तार के जेल भेजा जा रहा है.


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