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एसएसपी वैभव कृष्ण के पत्र पर मचा घमासान, कई आधिकारियों के फूले हाथ पांव जल्द गिरेगी गाज

एसएसपी वैभव कृष्ण के पत्र पर मचा घमासान, कई आधिकारियों के फूले हाथ पांव जल्द गिरेगी गाज
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धीरेन्द्र अवाना

नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के एसएसपी वैभव कृष्ण के कथित विडियों वायरल होने के बाद उन्होंने शासन को भेजा एक पत्र सार्वजनिक किया जिसमे कई आईपीएस अफसरों, पुलिसकर्मीओं व कथित पत्रकारों के ऊपर संगीन आरोप लगाये गये है। इससे पुलिस विभाग में नोएडा से लेकर लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है।

आपको बता दे कि एक महीने पहले शासन को भेजी इस संवेदनशील रिपोर्ट पर आज तक कोइ कारवाई ना होने पर मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुये अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी से रिपोर्ट तलब की। मुख्यमंत्री के संज्ञान लेते ही आनन फानन में पुलिस मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।

जिसमें प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा एक विडियो क्लिप वायरल हुआ है। जिसके संबंध में एसएसपी नोएडा ने मुकदमा दर्ज कराया है। एक माह पूर्व एसएसपी वैभव कृष्ण ने गोपनीय दस्तावेज भेजे थे मामला संज्ञान में आते ही निष्पक्षता के आधार पर केस हापुड़ ट्रांसफर कर दिया। एसपी हापुड़ इस मामले की जांच कर रहे हैं। आईजी मेरठ जोन इस मामले को नजदीकी से देखेंगे। एडीजी मेरठ से जांच करने को कहा गया था वही एडीजी मेरठ ने जांच के लिए और समय मांगा है। जिसमें उन्हें 15 दिन का और समय दिया गया है।

डीजीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एएससपी नोएडा से भी इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है कि आखिर गोपनीय पत्र वायरल क्यों किए गए। डीजीपी ने कहा कि गोपनीय दस्तावेज को वायरल करना गैरकानूनी है। गोपनीय दस्तावेज के साथ ऑडियो क्लिप भी था। इसलिए उन्हें स्पष्टीकरण भी देना होगा।

वही दूसरी ओर लखनऊ की सामाजिक कार्यकर्ता डॉ.नूतन ठाकुर ने एसएसपी वैभव कृष्ण द्वारा डीजीपी मुख्यालय व गृह विभाग को भेजी गई रिपोर्ट के मामले में सीबीआइ जांच कराने की मांग की है। डॉ.नूतन के अनुसार उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि वैभव कृष्ण ने रिपोर्ट देकर भ्रष्टाचार की गंभीर शिकायत की,लेकिन उसमें कोई कार्रवाई न होना आपत्तिजनक है। नूतन ने और भी कई गंभीर आरोप लगाये।

आपको याद होगा कि नोएडा का चार्ज लेते ही वैभव कृष्ण ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्यवाही की थी। आरोप है कि इसी के बाद उनका विरोध शुरू हो गया था।

Shiv Kumar Mishra
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