Top
Begin typing your search...

इलाहाबाद का सबसे बड़ा परिवार डालने जाएगा वोट, 66 लोग इस बार वोट डालेंगे इकठ्ठे वोट

इलाहाबाद का सबसे बड़ा परिवार डालने जाएगा वोट, 66 लोग इस बार वोट डालेंगे इकठ्ठे वोट
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद स्थित एक गांव में ऐसा परिवार रहता है जिसके पास क्षेत्र के बड़े से बड़े नेता भी वोट मांगने जाते हैं. लोकसभा का चुनाव हो या फिर विधानसभा या पंचायत का, जब-जब लोकतंत्र रूपी महापर्व आता है तो इस परिवार के दरवाजे पर नेताओं का तांता लग जाता है. एक नेता वोट देने की अपील कर जाते नहीं कि दूसरी पार्टी के प्रत्याशी वोट मांगने के लिए आ जाते हैं. कम शब्दों में कहें तो पूरे चुनावी मौसम में इस परिवार के घर पर मेला लगा रहता है.

जी हां, हम बात कर रहे हैं इलाहाबाद के भरैचा गांव के बारे में. इस गांव में राम नरेश रहते हैं. उनकी उम्र 98 साल है. खास बात यह है कि इनके परिवार में 82 सदस्य हैं. इनमें से 66 लोग इस बार वोट डालेंगे. कहा जाता है कि पूरे इलाहाबाद में राम नरेश का परिवार सबसे बड़ा है. इस परिवार के लोग आमतौर पर दोपहर का खाना खाने के बाद वोट डालने जाते हैं, क्योंकि गांव के ही प्राइमरी स्‍कूल में पोलिंग बूथ बनता है.

राम नरेश के परिवार में आठ सदस्‍य पहली बार वोट करने वाले हैं. राम नरेश के पोते विपिन भी पहली बार वोट डालेंगे, इसलिए काफी उत्‍साहित हैं. विपिन का कहना है कि वो और उनके चचेरे भाई परिवार से कॉलेज जाने वाले पहले सदस्‍य हैं. विपिन के चाचा यानी राम नरेश के बेटे राम हृदय का कहना है कि परिवार के दो सदस्‍य मुंबई की प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं, लेकिन वोट डालने के लिए वे दोनों भी गांव आ जाते हैं.

ओबीसी समुदाय से आने वाला यह परिवार खेती करके गुजर-बसर करता है. राम नरेश के परिवार में हर रोज 15 किलो चावल और 10 किलो आटा खर्च होता है. खास बात यह है कि पूरा परिवार एक साथ लाइन में ल कर वोटिंग करता है. वहीं, गांव वालों का कहना है कि जब यह पूरा परिवार वोटिंग करने के लिए एक साथ साथ घर से आता है तो देखने पर लगता है मानो मेला लग गया.

Next Story
Share it