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51 हजार दीपक से जगमग हुआ इलाहाबाद विश्वविद्यालय कैंपस

51 हजार दीपक  से जगमग हुआ इलाहाबाद विश्वविद्यालय कैंपस
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शशांक मिश्रा

इलाहाबाद विश्वविद्यालय का कला संकाय परिसर आज 51,000 दीपों से जगमगा उठा । जैसे-जैसे शाम ढलती गई और अंधेरे ने अपना चादर फैलाना शुरू किया वैसे वैसे दीपक भी सुनहली रंगत के साथ जगमगा उठे । एक पल को ऐसा लगा कि जैसे आसमान ने अपनी मुट्ठी से कुछ तारे धरती पर बिखेर दिए हों। जाड़े की ठण्डी ठण्डी हवा भी कई बार नन्हें नन्हें दीपों का इम्तहान ले रही थी, पर 51,000 दीपक एक कतार में डट कर हर मुकाबले को तैयार थे। ऐसे ही दृश्य देख कर कवि अज्ञेय ने लिखा होगा 'यह दीप अकेला स्नेह भरा, है गर्व भरा मदमाता पर, इसको भी पंक्ति को दे दो।'

शाम ठीक पांच बजे DIG कवींद्र प्रताप सिंह ने पहला दीपक जलाया और धीरे धीरे कला संकाय परिसर में दीपों की कतार सज गयी । दीपोत्सव कार्यक्रम में कुलसचिव प्रो नरेंद्र शुक्ल, प्रॉक्टर प्रो रामसेवक दुबे, कुलपति के विशेष कार्याधिकारी और पीआरओ डॉ चित्तरंजन कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो रामेंद्र सिंह आदि ने भी दीपक जलाएं । कला संकाय परिसर के नार्थ हॉल, कुलपति कार्यालय, कुलसचिव कार्यालय के साथ साथ हिंदी विभाग, संस्कृत विभाग, अर्थशास्त्र विभाग, राजनीति विज्ञान विभाग, उर्दू विभाग , भूगोल विभाग आदि समस्त विभागों में दीप जलाया गया । सीनेट हाल परिसर के खुले मैदान में एक साथ 5100 दीप जलाए गए तथा अंग्रेजी विभाग के सामने 2100 दीप प्रज्वलित हुए ।

इस अवसर पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय दृश्य कला विभाग के छात्र द्वारा तकरीबन 3 दर्जन रंगोली भी बनाई गई । छात्र छात्राओं ने 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' तथा पर्यावरण संरक्षण जैसे भाव को केंद्र में रखकर कई रंगोली बनाई । इस रंगोली प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ रंगोली का चयन करके उसे पुरस्कृत भी किया जाएगा। प्रो अजय जेटली, प्रो संतोष भदौरिया, प्रो धनंजय चोपड़ा ,डॉ मंजू सिंह श्रेष्ठ रंगोली का चयन करेंगे ।

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