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इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी खबर, मुजफ्फरनगर के मदरसे में बच्चों की निर्मम पिटाई पर कोर्ट ने स्वंय लिया संज्ञान

इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी खबर, मुजफ्फरनगर के मदरसे में बच्चों की निर्मम पिटाई पर कोर्ट ने स्वंय लिया संज्ञान
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प्रयागराज l इलाहाबाद हाई कोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है. सीएए को लेकर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा का मामला हुआ. मुंबई के अधिवक्ता अजय कुमार ने ईमेल के जरिये हाईकोर्ट को पत्र भेजा है.

हाईकोर्ट ने पत्र का स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में स्वीकार कर ली है. हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को नोटिस जारी करते हुए अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता ए के गोयल ने नोटिस स्वीकार कर लिया है.

चीफ जस्टिस गोविंद माथुर और जस्टिस विवेक वर्मा की खंडपीठ में यह सुनवाई की गई है. हाईकोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता फरमान नक़वी और अधिवक्ता रमेश कुमार यादव को न्याय मित्र नियुक्त किया गया है.

अपने ईमेल में मुंबई के अधिवक्ता अजय कुमार ने न्यू यॉर्क टाइम्स और द टेलीग्राफ में प्रकाशित दो लेखों की प्रतियां भेजी है.जिसमें विस्तार से उत्तर प्रदेश में विभिन्न जगहों पर पुलिस बर्बरता का वर्णन किया है.इस लेखों में यह भी कहा गया कि इन घटनाओं से प्रदेश देश की छवि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धूमिल हो रही है.

कोर्ट में समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता फरमान नक़वी ने आज के इंडियन एक्सप्रेस की खबर की प्रति रखी, जिसमें मुजफ्फरनगर के मदरसे में बच्चों की निर्मम पिटाई और उनसे जबर्दस्ती जय श्री राम का नारा लगवाने का हवाला है.

खंडपीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्री को आदेशित किया है सारे कागजात न्यायमित्र फरमान नक़वी और रमेश कुमार यादव को उपलब्ध कराया जाये.

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