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सहारनपुर : क्या नशा और सट्टे की चुनौती से निपट पाएंगीं नईं थानाध्यक्ष गागलहेड़ी

यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि नयी थानाध्यक्ष इलाके के माहौल को बदलेंगी या खुद हालात से समझौता कर लेंगी?

 Special Coverage News |  2018-09-26 07:42:10.0  |  दिल्ली

सहारनपुर : क्या नशा और सट्टे की चुनौती से निपट पाएंगीं नईं थानाध्यक्ष गागलहेड़ी

सहारनपुर : गागलहेड़ी थाने के प्रभारी का तबादला कर दिया गया है। लंबी अवधि के बाद थाने में नये प्रभारी भेजे गए हैं। इस थाने के प्रभारी को जो सबसे बड़ी चुनौती होती है थानांतर्गत पड़ने वाले सबसे बड़े गांव कैलाशपुर में नशा और सट्टे का फैलता जाल। गागलहेड़ी थाने के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में कैलाशपुर सबसे बड़ा गांव है, कैलाशपुर गांव एक लंबे समय से नशा और सट्टे का केंद्र बना हुआ है। ग्रामवासियों का कहना है कि इन दोनों बुराइयों ने गांव को बर्बाद कर दिया है।

जब भी ग्रामवासियों ने पुलिस को इस बाबत शिकायत दर्ज कराई है तभी पुलिस के मुखबिरों ने नशा और सट्टे माफियाओं की सैटिंग कराकर शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने दी। ग्रामवासियों का कहना है कि पुलिस और नशा व सट्टे के माफियाओं के इस गठजोड ने भी इन सामाजिक महामारियों को जिंदा रखने में अहम् भूमिका निभाई है। वैसे तो थाना गागलहेड़ी आदर्श ठाणे के तौर पर आवार्ड हासिल कर चुका है लेकिन अब तक सभी थानाध्यक्ष नशा और सट्टे को बंद कराने में नाकाम साबित हुए हैं

इन माफियाओं और पुलिस का गठजोड़ कायम करने में गांव के कथित सफेद पोश अनगिनत मुखबिरों ने अहम किरदार निभाया है।

महिला थाना थानाप्रभारी की तैनाती से ग्रामवासियों को यह आस बंधी है कि अब इस गांव को नशा और सट्टे के माफियाओं तथा पुलिस मुखबिरों के तांडव से निजात मिल जाएगी।

यह तो आने वाला समय ही बताएगा कि नयी थानाध्यक्ष इलाके के माहौल को बदलेंगी या खुद हालात से समझौता कर लेंगी। लेकिन इलाके के लोगों को महिला थानाप्रभारी से आशाएं बहुत हैं।

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