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चिन्मयानंद मसाज वीडियो के बाद आया नया वीडियो!

चिन्मयानंद मसाज वीडियो के बाद आया नया वीडियो!
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स्वामी चिन्मयानंद मसाज प्रकरण में नया मोड़ आ गया है. दो नए वीडियो क्लिप्स आए हैं. इन वीडियो क्लिप्स को देखने पर पता चलता है कि एक गैंग ने पांच साल पहले सुनियोजित तरीके से चिन्मयानंद को शिकार बनाया. गैंग की तरफ से पांच करोड़ रुपये मैसेज करके स्वामी चिन्मयानंद से मांगे भी गए. जब पांच साल तक गैंग उगाही में सफल नहीं हुआ तो मसाज के वीडियोज लीक करा दिया और पूरे मामले में विक्टिम कार्ड खेल दिया गया.

इन नए वीडियोज के आने के बाद पूरा प्रकरण अब एकतरफा की बजाय दो तरफा हो गया है. अब तो जो आरोपी दिख रहे हैं, वे पीड़ित नजर आने लगे हैं. अब तक जो पीड़िता नजर आ रहा था, वो आरोपी दिखने लगा है. इस हाईप्रोफाइल मामले में नए नए मोड़ आने के बाद इसकी सच्चाई का पता गहन और विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा. सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच पड़ताल में जुटी है और उसके पास सारे सुबूत इकट्ठा हो गए हैं.

ज्ञात हो कि अब तक जो जो मसाज वीडियो लीक हुए हैं उसमें कहीं भी स्वामी चिन्मयानंद लड़की के साथ जोर-जबरदस्ती करते नहीं दिख रहे हैं. ज्यादातर वक्त वह आंख मूंदे सोए रहते हैं. मसाज कर रही लड़की और स्वामी चिन्मयानंद की बातचीत से यह भी समझ में आ जाता है कि सब कुछ स्वेच्छा और सहजता से हो रहा है. चिन्मयानंद को शिकार बनाने वाले गैंग के जो दो वीडियोज सामने आए हैं उससे लगने लगता है कि पूरी प्लानिंग के साथ चिन्मयानंद को चुपचाप शिकार बनाया जाने लगा और सब कुछ खुफिया कैमरे से रिकार्ड किया जाने लगा. इस प्रकरण को गहराई से समझने से पता चलता है कि ब्लैकमेलिंग और उगाही के लिए स्वामी चिन्मयानंद को टारगेट बनाया गया और उनके वीडियो रिकार्ड किए जाने के बाद उनसे पैसे मांगे गए.

जो गैंग का नया वीडियो जारी हुआ है, उसमें दिख रहा है कि गैंग के सदस्यों में से ही एक आपस की बातचीत को खुफिया कैमरे से रिकार्ड कर रहा है. वह क्यों रिकार्ड कर रहा है, यह समझ से परे है. सवाल ये भी है कि ये गैंग का वीडियो आखिर किसने व कब लीक कराया? कहीं ऐसा तो नहीं कि गैंग के सदस्यों के बीच से ही एक मुखबिर ने किसी किस्म के लालच के मकसद से पूरी प्लानिंग को लीक करा दिया हो और इसके एवज में उसने 'कुछ' हासिल किया हो?

फिलहाल सवालों की संख्या बढ़ती जा रही है. इस कांड में न्याय और सत्य क्या है, इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए लेकिन नए वीडियोज के आने से यह तो तय है कि अब चिन्मयानंद आरोपी के साथ पीड़ित भी बन गए हैं. देश भर में आजकल यह चलन जोरों पर है जिसमें असामाजिक तत्व महिलाओं को आगे कर बड़े लोगों को फांसते हैं फिर अच्छी खासी रकम ऐंठते हैं. ढेर सारे मामले तो दबे रह जाते हैं लेकिन कुछ मामले ऐसे भी होते हैं जिसमें हिम्मत करके पीड़ित पुलिस के पास जाता है और खुलासा करता है.

स्वामी चिन्मयानंद के मामले में लगता है कि गैंग के लोगों ने पैसे न मिलने पर पांच साल बाद पूरे प्रकरण को इमोशनल टच देकर मसाज वीडियो लीक कराया और चिन्मयानंद को आसाराम सरीखा आरोपी बनाने की तैयारी कर ली. अगर ये दो वीडियो सार्वजनिक न होते तो आज हर कोई नंबर एक आरोपी चिन्मयानंद को ही मानता. पर अब तो हर तरफ आरोपी ही आरोपी दिख रहे हैं. बड़े फलक पर देखा जाए तो स्वामी चिन्मयानंद ही पीड़ित नजर आने लगे हैं क्योंकि जब दो लोग आपसी सहमति से एक कमरे में मसाज करते हैं या कुछ और करते हैं तो इसमें किसी को समस्या कहां है? समस्या तब शुरू होती है जब एक पक्ष धोखे से, साजिश के तहत, गुपचुप तरीके से आपसी कृत्य का वीडियो बनाने लगता है ताकि इस वीडियो को आगे कर पैसे हासिल किए जा सके. तो फिर ज्यादा बड़ा अपराध तो यहां नजर आने लगता है. फिलहाल इस प्रकरण में आखिरी तौर पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता और न ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है. सच्चाई के लिए सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा करना चाहिए और एसआईटी जांच होने तक किसी अंजाम पर नहीं पहुंचना चाहिए.

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