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इन 43 वीडियो क्लिप्स के आधार पर हुई चिन्मयानन्द की गिरफ्तारी, जो पीडिता ने कराए थे उपलब्ध

 Special Coverage News |  20 Sep 2019 7:19 AM GMT  |  दिल्ली

इन 43 वीडियो क्लिप्स के आधार पर हुई चिन्मयानन्द की गिरफ्तारी, जो पीडिता ने कराए थे उपलब्ध

शाहजहांपुर. एसएस लॉ कॉलेज (SS Law College) में पढ़ने वाली एलएलएम छात्रा (LLM Student) द्वारा लगाए गए यौन शोषण (Sexual Harassment) के आरोप पर कार्रवाई करते हुए नवीन अरोड़ा की अगुवाई वाली स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (Special Investigation Team) ने शुक्रवार सुबह पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद (Swami Chinmyanand) को गिरफ्तार कर लिया. पूरे प्रकरण में यूपी पुलिस की कार्य प्रणाली पर भी सवाल उठे. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के हस्तक्षेप के बाद यूपी सरकार ने मामले एसआईटी का गठन किया. लेकिन एसआईटी पर भी पीड़िता ने सवाल खड़े करते हुए आत्मदाह की धमकी भी दे डाली. आखिरकार चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया.

पीड़िता ने लगाए ये आरोप

पीड़ित छात्रा ने बताया कि वह एसएस लॉ कॉलेज में एडमिशन के सिलसिले में स्वामी चिन्मयानंद से मिली और काफी प्रभावित हुई. चिन्मयानंद ने उसकी मदद की और उसका एडमिशन हुआ. इसके बाद वह उनके संपर्क में आ गई. पीड़िता का आरोप है कि इस बीच चिन्मयानंद ने उसकी नहाते हुए एक वीडियो बना ली. इसके बाद से उसका उत्पीड़न शुरू हुआ. पीड़िता के मुताबिक उसे सुबह-सुबह आश्रम एम् बुलाया जाने लगा. देर होने पर गाली-गलौज की जाती थी. इतना ही नहीं उसके साथ कई बार रेप किया गया. यह सिलसिला उसके साथ करीब एक साल तक चला. इस दौरान उसे पता चला कि वह पहली लड़की नहीं है. उसने कॉलेज की कई लड़कियों के साथ ऐसा किया है.

एसआईटी को सौंपे 43 वीडियो

पीड़ित छात्रा शुरू से ही कह रही है कि उसके पास अपने आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. पीड़ित छात्रा ने एसआईटी को एक दो नहीं पूरे 43 वीडियो क्लिप्स दिए हैं. बता दें इनमें से एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर लीक भी हुआ था. 31 जनवरी 2014 के वीडियो में चिन्मयानंद एक छात्रा से मसाज करवाते नजर आ रहे हैं.

हाई-प्रोफाइल मामला होने की वजह से एक्शन पर उठे सवाल

मामला एक रसूखदार व्यक्ति से जुड़ा होने की वजह से एसआईटी चीफ नवीन अरोड़ा ने भी ठीकरा मीडिया पर फोड़ने की कोशिश की, लेकिन हाईकोर्ट कोर्ट में 23 तारीख को रिपोर्ट सौंपने से पहले चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया. एसआईटी ने आईपीसी की धारा 376 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया. डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि मामले में एसआईटी ने वीडियो क्लिप्स की फॉरेंसिक जांच करवाई और फिर उनकी गिरफ़्तारी की गई.

23 अगस्त को वीडियो वायरल किया

दरअसल पूरा मामला तब सुर्ख़ियों में आया जब 23 अगस्त को पीड़ित छात्रा ने चिन्मयानंद पर गंभीर आरोप लगाते हुए फेसबुक पर एक वीडियो वायरल किया. इस वीडियो में उसने चिन्मयानंद पर उसके व अन्य छात्राओं के साथ यौन शोषण का आरोप लगाया और कहा कि उसके पास पर्याप्त सबूत मौजूद हैं. उसके बाद छात्रा लापता हो गई. पीड़िता के पिता की शिकायत के बावजूद भी एफआईआर नहीं लिखी गई. अलबत्ता चिन्मयानंद के द्वारा ब्लैकमेल कर पांच करोड़ की फिरौती मांगने की तहरीर दी गई. इस मामले में पुलिस ने तुरंत एफआईआर लिख ली. इस बीच पीड़िता का एक और वीडियो आया कि अगर उसका फोन न मिले तो समझ लेना की वह मुसीबत में है. इसके बाद दबाव में आई पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज किया.

स्वामी चिन्मयानंद को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया

इस बीच कुछ वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामले का संज्ञान लेने की अपील की. 27 अगस्त को पुलिस ने पीड़िता व उसके दोस्त को राजस्थान के अलवर से बरामद किया. सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि वह शाहजहांपुर ले जाने से पहले पीड़िता को उसके समक्ष पेश करे. सुप्रीम कोर्ट ने बाद में मामले में हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी जांच के आदेश दिए.

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