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शामली में मिड डे मील में निकल रहे कीड़े, प्रशासन खामोश

 Special Coverage News |  26 Aug 2019 8:12 AM GMT  |  दिल्ली

शामली में मिड डे मील में निकल रहे कीड़े, प्रशासन खामोश

जनपद शामली में मिड डे मील के भोजन में कीड़े निकलने का मामला सामने आया है जहां पर बीते कुछ दिनों से स्कूल में अच्छा खाना नहीं मिल पा रहा है और खाने में कीड़े और चूहों का मल निकल रहा है जिस कारण बच्चों ने खाना खाना बंद कर दिया है और जो बच्चे पहले खाना खा चुके हैं वह बीमार हो चुके हैं। करीब एक दर्जन बच्चे स्कूल में मिड डे मील खाने से बीमार हो चुके हैं जो कि स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं। सही मिड डे मील न मिलने से स्कूल में लगातार बच्चों के बीमार होने से बच्चों की संख्या भी घटने लगी है। बच्चों के परिजन अपने बच्चों को स्कूल में भेजने के लिए तैयार नहीं है और जो बच्चे स्कूल आ रहे हैं वह घर से अपना भोजन ला रहे हैं।

दरअसल आपको बता दें कि पूरा मामला जनपद शामली के थाना आदर्श मंडी क्षेत्र के मोहल्ला रेलपार स्थिति प्राथमिक विद्यालय नंबर 13 का है जहां पर आज अभिभावकों ने स्कूल में पहुंचकर हंगामा किया और आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से स्कूल में मिड डे मील सही नहीं मिल पा रहा है जिस कारण करीब 1 दर्जन बच्चे बीमार हो चुके हैं और यहां पर खाना खाकर बच्चे घर पहुंच कर पेट में दर्द की शिकायत बताते हैं स्कूल पहुंचे अभिभावकों का कहना है कि बीते 16 तारीख से बच्चे घर पहुंच कर स्कूल में खाना सही न मिलने की बात कह रहे हैं आज कई अभिभावक इकट्ठा होकर स्कूल में पहुंचे और मिड डे मील चेक किया तो मिड डे मील में जो सब्जी बच्चों को दी गई है उसमें मांड मिला हुआ है और जो रोटी बच्चों को खाने के लिए दी गई उस रोटी को देखकर ऐसा लगता है कि मानव रोटी ना होकर कोई बिस्किट हो क्योंकि रोटी बिल्कुल सूखी हुई थी और जली हुई थी जिस कारण अभिभावकों ने स्कूल में जमकर हंगामा किया और मिड डे मील में इस तरह का भोजन देने सेन नाराज होकर इसकी शिकायत स्कूल में मौजूद अध्यापिका को की स्कूल पहुंचे अभिभावकों ने स्कूल के वार्ड के सभासद मिड डे मील में परोसा गया भोजन उनको दिखाया परिजनों का कहना है कि जो भोजन उनके बच्चों को परोसा जा रहा है उसे तो कोई गाय भैंस भी नहीं खाएगी परिजनों ने बताया कि जो चावल बच्चों को परोसे जाते हैं उसमें चूहों का मल निकलना है तो वहीं रोटियों जो बच्चों को दी जा रही है उसमें सुरसुरी नामक कीड़ा निकलना है अब ऐसे में आप भी देख सकते हैं कि बच्चे इन्हें खाकर बीमार होंगे या सही।

रविंद्र कुमार(सभासद वार्ड 11) ने कहा

वार्ड नंबर 11 के सभासद रविंद्र कुमार ने बताया कि यह 16 तारीख से कोई एनजीओ है वह खाना भिजवा रही है और कल ही मेरे पास कुछ अभिभावक आए थे जिन्होंने शिकायत की थी कि स्कूल में खाने की क्वालिटी बहुत ज्यादा खराब है और जिसे खाकर बच्चे बीमार हो रहे हैं और अगर इस तरह का खाना मिलेगा तो हम अपने बच्चों को स्कूल में नहीं भेजेंगे और उनका नाम कटवा लेंगे इसलिए ही मैं आज सुबह आया हूं और यहां पर क्वालिटी चेक की जो रोटी देखी और रोटी को मोड़ा तो वह टूट गई सब्जी में मांड डाला जा रहा है और जो चावल है उन में कीड़े निकल रहे हैं और जो चूहे होते हैं उनका मल निकल रहा है और जो अकेले हैं वह बहुत छोटे हैं और गले हुए हैं। सभासद ने बताया कि यह जो स्कूल है वह कप्तान साहब ने गोद लिया हुआ है और मैं इस बात से उनको भी अवगत कराऊंगा। जिस स्कूल को कप्तान साहब ने गोद लिया है उसमें ही यह हालत है तो और बाकी स्कूल में क्या होगी।

चंदा (अभिभाविका) का बयान

स्कूल में पहुंची बच्चों की अभिभाविका चंदा ने बताया कि बच्चों को यहां पर खाना अच्छा नहीं मिल रहा है बासी मिल रहा है जिसमें सुरसुरी रहती है। हमारे बच्चों के पेट में दर्द हो गया है और वह घर पर जाकर शिकायत करता है कि मेरे पेट में दर्द हो गया है। इसलिए हम घर से रोटी लेकर जाएंगे बताओ आप हम क्या करें इस पर कोई कदम उठाना चाहिए। हमारा तो यही कहना है कि बढ़िया खाना मिलेगा तो हम अपने बच्चों को पढ़ाएंगे नहीं तो हम अपने बच्चों की तबीयत खराब नहीं करवाएंगे और हम बस यही चाहते हैं कि पहले जैसा बढ़िया खाना मिले वरना हम अपने बच्चों को नहीं पढ़ाएंगे। मेरे दो बच्चे हैं जो कि कक्षा दो में पढ़ते हैं।

संगीता(रसोई माता) ने कहा

स्कूल में मौजूद रसोई माता संगीता ने बताया कि हम यहां पर खाना बनाते थे। जो यहां पर खाना आ रहा है उसमें कीड़े आ रहे हैं सुरसुरी आ रही है, पीडाई आ रही हैं और जो हमारे बच्चे हैं वह हमें यह कह रहे हैं कि आंटी जी यहीं पर खाना बनाओ हम बाहर का खाना नहीं खाएंगे। रसोई माता ने बताया कि सब्जी में मांड मिलाया जा रहा है बासी रोटी भेजी जा रही है जिसे हमारे बच्चे नहीं खा पा रहे हैं चावल में भी सुल सूली और पीडाई आ रही है।

रेणुका शर्मा(शिक्षा मित्र व इंचार्ज प्रधानाध्यापक)

स्कूल में मौजूद शिक्षा मित्र व इंचार्ज प्रधानाध्यापक रेणुका शर्मा ने बताया कि 16 तारीख से एनजीओ को खाना दे दिया गया है और उसके लिए जो बच्चों को खाना आता है उसमे रोटिया बासी आती है और जिस खाने से बच्चों के पेरेंट्स संतुष्ट नहीं है और ना ही बच्चे संतुष्ट हैं। बच्चे इस खाने को खाते नहीं है या तो बच्चे अपने घर से खाना लेकर आते हैं या फिर कुछ बच्चे भूखे रहते हैं और फिर जो बच्चे भूखे रहते हैं मैंने उनसे कहा थी थोड़ा बहुत अपने घर से लेकर आया करो तो मुझे बच्चों के अभिभावकों ने यह जवाब दिया कि अगर खाना नहीं मिलेगा तो हम अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे तो हम कहीं और नाम चढ़वा देंगे। जिससे हमारी संख्या पर भी फर्क पड़ रहा है। रेणुका शर्मा ने बताया कि जो चावल आते हैं उसमें चूहों का मल आता है और चावल कच्चे आते हैं और सब्जी में मांड आता है। जितने भी हमारे पास सब्जी आई है सर में मांड आया है अभी शनिवार को सब्जी चावल वाले दिन बच्चों के अभिभावक आए हुए थे उन्होंने एनजीओ वालों को उसमें से निकालकर सुरसुरी दिखाई है जो आज बच्चों के अभिभावक आए हैं उनकी मैंने एनजीओ वालों से और जो सभासद जी आए हैं उनसे बात कराई है और आगे तक बात पहुंच आएंगे देखते हैं कि इसमें क्या होगा मेरी बच्चों के अभिभावकों से यही रिक्वेस्ट है कि खाने की वजह से वह बच्चों को स्कूल में ना भेजने की बात ना करें। बच्चों को स्कूल में भेजें। जो बच्चों के अभिभावक आज आए हुए हैं उन्होंने मुझे आकर बताएं कि हमारे बच्चों की यह खाना खाने से तबीयत खराब हुई है वह मैंने एनजीओ वालों को भी बता दिया है और जो हमारे एमडीएम हैं उनके नॉलेज में भी हमने बात डाल दी है कि सर ऐसे ऐसे हो रहा है इसका कुछ किया जाए तो उन्होंने कहा है कि इसका हम कुछ सुधार करेंगे।

दीपा(छात्रा) ने कहा

स्कूल में मौजूद छात्रा दीपा ने बताया कि स्कूल में जो खाना दिया जा रहा है। उसमें चावल में सुरसुरी मिलती है। उन्हें खाना सही नहीं मिल रहा है इसलिए वह खाना नहीं खा रहे हैं। दीपा ने बताया कि वह खाना अपने घर से ला रहे हैं और 2 दिन से वह स्कूल में खाना नहीं खा रहे हैं।

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