Home > बालियान खाप का फरमान, अपनी मर्जी से नहीं कर सकते शादी, बेटियों के जन्म पर रहेगा अंकुश

बालियान खाप का फरमान, अपनी मर्जी से नहीं कर सकते शादी, बेटियों के जन्म पर रहेगा अंकुश

 शिव कुमार मिश्र |  2018-02-08 09:38:14.0  |  शामली

बालियान खाप का फरमान, अपनी मर्जी से नहीं कर सकते शादी, बेटियों के जन्म पर रहेगा अंकुश

दो वयस्कों को अपनी मर्जी से शादी के अधिकार वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए शामली जनपद के खाप चौधरी नरेश टिकैत ने कहा है कि बेटियां अपनी मर्जी से शादी नहीं करेंगी. सुप्रीम कोर्ट पर खाप की पुरानी परम्पराओं पर हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि ऐसा होगा तो हम बेटियों के जन्म पर अंकुश लगाएंगे और इससे लड़के व लड़कों के बीच लिंगानुपात का जो अंतर बढेगा उसकी जिम्मेदारी भी माननीय सुप्रीम कोर्ट की ही होगी.


बता दें खाप पंचायत के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि दो रजामंद वयस्कों को अपनी शादी से मर्जी का धिकार है,. खप पंचायत किसी व्यस्क को अंतर्जातीय विवाह करने से रोक नहीं सकता. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद खाप चौधरियों में खासी नाराजगी है और इस फैसले का विरोध हो रहा है. इसी को लेकर गुरुवार को शामली क्षेत्र के गांव भज्जू में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बालियान खाप के चौधरी नरेश टिकैत पहुंचे थे.


टिकैत ने माननीय उच्चतम न्यायालय के इस आदेश पर नाराजगी जताई और कहा कि अगर हमारी पुरानी परम्पराओं में हस्तक्षेप किया जाता है तो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. इतना ही नहीं अगर इस तरह के आदेश पारित होते हैं तो हम न तो लड़कियां पैदा करेंगें और न ही लड़कियों को पैदा होने देंगे. टिकैत ने कहा कि या फिर या ये भी हो सकता है कि हम उन्हें पढ़ने ही न दें कि वे ऐसा फैसला ले सकें.

गौरतलब है कि खाप पंचायतों पर बेहद सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर दोहराया कि अगर दो बालिग शादी करने का फैसला करते हैं, तो उसमें कोई भी दखल नहीं दे सकता. इस दौरान कोर्ट ने केंद्र सरकार और याचिकाकर्ताओं से ऐसे उपाय मांगे, जिससे इन विवाहित दंपतियों को सुरक्षा प्रदान की जा सके. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि उन्हें सुरक्षा देना पुलिस की जिम्मेदारी है.
सुप्रीम कोर्ट ने खाप की पैरवी करते वकील से बेहद सख्त लफ्ज़ में कहा, 'कोई शादी वैध है या अवैध, यह फैसला बस अदालत ही कर सकती है. आप इससे दूर रहें.' अब इस मामले की सुनवाई 16 फरवरी को होगी. इससे निर्णय से खाप नेताओं में बेहद नाराजगी है.

Tags:    
Share it
Top