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ऐसी घटिया राजनीती न करे जिससे सस्ती लोकप्रियता मिले - वरुण गांधी

 Special Coverage News |  2018-10-30 17:44:36.0  |  सुल्तानपुर

ऐसी घटिया राजनीती न करे जिससे सस्ती लोकप्रियता मिले - वरुण गांधी

सुलतानपुर। भाजपा के राष्ट्रीय नेता व सुलतानपुर सांसद वरूण गांधी मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र पहुंचे जहाँ शहर के तिकोनिया पार्क में आधुनिक भारत के शिल्पी लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की 143 वीं जयंती के कार्यक्रम में सरीख होकर 2000 गरीबों को कंबल वितरित किया वही पार्टी के वरिष्ठजनों व पदाधिकारीयोंं एव अधिवक्ताओं को शाल देकर सम्मानित किया.


लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद वरुण गांधी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मै जो भी बात बोलता हूं देश की भलाई के लिये बोलता हूं मै कोई बात वोट के नही बोलता मेरी कोई बात चुनाव के लिये नही होती, उन्होंने आगे कहा कि गैर राजीनीति पर विश्वाश नही करता मै वह राजनीति करता हूँ जिसमे स्पर्धा हो ,नफरत न हो , बहुतो का भला हो उस राजनीति पर विशवास करता हूँ.वरुण गांधी ने लोगो से आग्रह किया कि इस दीपावली के पर्व पर जो लोग पड़ाके छोड़ते है पड़ाके न छोड़ कर उन पैसों से उनगरीबो को वह चीज खरीद कर दे जिससे उनके भला हो सके जैसे, हॉस्पिटलों में खाना वितरण करे कपड़े दे , उन्होंने लोगो से अपील किया कि सब लोग थोड़ा थोड़ा सहयोग करे नवम्बर माह में एक गांव चिन्हित कर उस गाँव के लोगो को उसी पैसे से जरुरत की चीजें खरीद कर उपहार के रूप में दिया जायेगा यही कार्य करना ही हम सभी का दीपावली का पर्व होगा , उन्होंने आगे कहा कि जिंदगी का आश्रय है कि अपनी आवश्यकताओ को सिमित कर दुसरो की अव्यश्क्ताओ को पूरी करना.


वरुण गांधी ने कहा कि शहीद श्री नीलेश की पत्नी अपनी कुछ समस्याओं को लेकर मिली उनकी समस्या दूर होना चाहिये जिसके लिये मै हर संभव प्रयास करूंगा उन्होंने आगे कहा कि शहीद नीलेश ने देश की रच्छा के लिये अपने प्राणों की आहुति दी थी स्मृति द्वार बन सकता है श्री गांधी ने उनकी पत्नी से कहा कि स्मृति द्वार से क्या जीवन जीवति रहता है श्री नीलेश दुनिया के लिये जीवित है हम सबके लिए जीवित रहेंगे और तब तक जीवित रहेंगे जब तक यह धरती रहेगी उन्होंने आगे यह भी कहा कि शहीद नीलेश तब तक जिंदा रहेंगे जब तक उस परिवार केअच्छे कर्म रहेंगे उस परिवार के लोग गरीबो की सहायता , देश के लिये अपना योगदान देते रहेंगे तब तक शहीद नीलेश जीवित रहेंगे, श्री गांधी ने यह भी कहा कि क्या सुभाष चंद्र बोश जिन्दा नही है क्या महात्मा गांधी जिन्दा नही है ऐसे वो तमाम शहीद जिन्दा रहेंगे जब तक लोग जीवित रहेंगे , श्री गांधी ने आगे यह भी कहा कि हमे अगले चुनाव की चिंता नही है मुझे अगली पीढ़ी की चिंता है हमारे बेटी बराबर के अवसर पाये उन्होंने आगे यह भी कहा किमेरी भाजपा पार्टी काफी बड़ी है इस पार्टी का संग़ठन बहुत बड़ा है जिसमे बूथ लेबल से लेकर जिला सत्तर तक कार्यकर्ता व् पदाधिकारी है उन्होंने कहा कि जब मै चुनाव जीता तब मेरे ऊपर बड़ा दबाव बनाया जाने लगा कि कार्यकर्ताओ और पदाधिकारियो के माद्ध्यम से क्षेत्रोंमें उनके कहने से हेंड पम्प दिया जाय ,सोलर लाइट लगवाई जाय मेने किया लेकिन जब इसका सर्वे कराया तो सब शून्य निकला जब कि मेरे सलाह कार दया राम अटल ने कहा था कि ऐसा करने से कही कोई फायदा नही होगा और सब शून्य हो जायेगा और वही हुआ जो अटल जी ने कहा था उन्होंने बताया कि तब मैंने सोचा की यह जो पैसा लगे स्थाई करण हो जिसका फायदा लोगो तक पहुंचे.


जिससे सुल्तानपुर का मान सम्मान बढे वरुण गांधी चाहे रहे य न रहे सुल्तानपुर की मान मयार्दा में बढ़ोतरी रहे चाहे हमने घर बनाये, चाहे कम्बल वितरित किये वह लोगो तक पहुंचा उन्होंने आगे यह भी कहा कि जब सम्बेदन शीलता नही रहेगी तो देश नही रहेगा मैने जो बड़े बड़े काम किये उसका कहि चर्चा नही हुआ जो सड़को का जाल बिच्छाया जो शायद कई दशकों से नही हुआ था उस जगह मैने कार्य किये मै नही मानता हूँ कि हम लोगो को ऐसी राजनीती करना चाहिये जिससे सस्ती लोकप्रियता मिले देखिये जब हमें स्वतंत्रा मिली तो जिन नेताओ की भागीदारी थी वह चाहे जो भी सोच के रहे हो उनके निर्णय से बहुत लोगो को काफी दुःख भी हुआ जैसे पंजाब आधे में कटा , कई राज्य का बटवारा हुआ परिवार उजड़े कोई इस तरफ कोई उस तरफ गया लेकिन सरदार पटेल ने मणिपुर, मिजोरम अनन्य राज्यो का एक नया रुप दिया पठान गफ्फार गांधी जी के भक्त थे ,पाकिस्तान में सम्मेलन में पहुंचे गांधी जो पठान ने कहा कि आप ने कही का नही छोड़ा श्री गांधी ने कहा कि हर कठोर निर्णय के पहले अच्छी सोच होनी चाहिये हर सोच के पीछे स्वछ हो लोगो के भले के लिये क्या करना चाहिये यही एक नेता का धर्म है एक नेता को चुनाव जीतना नही देश बनाना है संजय गांधी एक चुनाव जीते तीन महीने ही रहे आज में देश में कही जाता हूं लोग इज्जत देते है जिससे मुझे बड़ा गर्व महसूस होता है.


उन्होंने आगे कहा कि जो विजय सुल्तानपुर के लोगो ने दिया वह मेरे पिता के लिये श्रधांजली है उन्होंने आगे यह भी कहा कि जब हम जीत के आये तो लोगो ने कहा कि भैया फलाने से मेरा नही बैठता मुकदमा दर्ज करवा उसको यहाँ से हटवा दीजिये लेकिन मेने मना कर दिया क्यू की मेरे श्रेध्य बाजपई गुरु ने कहा था कि किसी को बना न पाओ बिगाड़ो मत यह देश बहुत बडा है यह देश किसी ल कीर को नही कहते देश हमारे अंदर हैं अगर हुम हिन्दू हूँ तो दूसरे समुदाय की इज्जत करूं जब तक हम मर्यादा परुषोत्म राम की मर्यादाओं करू ,अपने सोच व् कार्य से मुसलमानों सिक्खों , ईसाइयों, बौद्ध का सम्मान करूं तो कहूंगा कि में हिन्दू हूँ एह देश महाबीर का हे बुद्ध का हे महात्मा का हे इस देश में महात्माओं ने तपस्या किया जिनके तपस्या की तरंगे हमे प्राप्त हो रही है हमे उस तरंगों को घिसने नही देना है में निडर हु अगर मेने कभी पाया कि सरकारी मुलाजिम नेता कार्यकर्ता ,मीडिया कोई गरीबो पर जुल्म कर रहा है तो में चुप रहने वाला नही हु मुझेगाली गलौज मार पीट तीखी आलोचना पर विश्वास नही रखता , महात्मा गांधी ने हम लोगो को सिखाया था ताकत से अपनी बात रक्खे लेकिन ताकत रास्ता यह नही की आलोचना करना किसी को सताना ताकत का रास्ता है किसी के सामने झुक कर बात करना किसी के सामने शालीनता से बात करना यह वरुण गांधी करता है.


उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र में न रहने के कारण पर कहा कि मुझे लोगो की भलाई करना है अगर मैं जिले की राजनीती में फंस गया , चपुलसो के बीच घिर जाऊंगा तो देश और सुल्तानपुर के लिये कुछ नही कर पाउँगा मै जितना काम किया है और नेताओं ने अपने कार्यकाल में 10 प्रतिशत भी नही किया उन्होंने चस्पलूसो पर फिर से तीखी प्रक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिसको उनके माता पिता केअलावा कोई नही जानता वह लोग पचास पचास होर्डिग लगाये है लोग जाने लेकिन वरुण गांधी होर्डिंग का मोहताज नही है वरुण गांधी यह तो आप के सीने में हे य तो कही नही है यह सुल्तानपुर वरुण गांधी को बहुत कु छ दिया है जहाँ में जाता हूं वहाँ सुल्तानपुर जाता है आप ने मुझे इस लिये नही बनाया की गली कुचो में चाय पियो आप लोगो ने मुझे इस लिये बनाया है कि देश और आपके जिले का सम्मान बढे ।उन्होंने यह भी कहा की जिस दिन पहले दिन सुल्तानपुर आया उस दिन चुनाव जीत गया था.


यह कोई छोटी बात नही है यह आप का बड़प्पन हेआप लोगो ने जो मुझे जो सम्मान दिया आप लोगो ने जो मेरे अंदर जो जान भर दिय उसको उत्तार नही सकता किसी ने परिश्रम किया लेकिन जो गरीब लोगो ने साथ दिया वह लोहा की तरह था वरुण गांधी समाज के अंतिम लोग के लिये हमेसा खड़ा रहेगा मेरी माँ ने आठ चुनाव जीती यह उन लोगो ने हम लोगो को खड़ा किया है जो लोग जो गरीब हे यह गरीब पेसो का गरीब हे लेकिन न तो जिगर का गरीब , न सोच का गरीब हे अंत में श्री गांधी ने कहा कि आज जो माताएं इस कार्यक्रम में आई है में उनका आभार व्यक्त करता हूं उन्होंने कहा कि जिस कार्यक्रम में इतनी बड़ी संख्या में माताएं उपस्थित हो वह आशीर्वाद होता है और वरुण गांधी को माताओ का आज आशीर्वाद मिल गया.

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